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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सड़क, पुल और पुलियों, आर.ओ.बी आदि का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

माना जा रहा है संगठन ने शीर्ष नेतृत्व को जमीनीं स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी। अब 2022 के विधानसभा चुनाव और 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इसके लिए पार्टी में अमूलचूल परिवर्तन की संभावना जतायी जा रही है।

सपा के वोट बैंक में भी बढ़ोत्तरी नहीं हुई। ऐसे में गठबंधन भी जल्द ही टूट सकता है। ऐसी स्थिति में अगर पांच साल तक निरहुआ क्षेत्र में बने रहे तो उनकी राजनीतिक जमीन तैयार हो सकती है।

केवल अखिलेश यादव ही ऐसे बेटे रहे जिन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की आजमगढ सीट से चुनाव जीतकर उनकी लाज बचाने का काम किया

राहुल को लेकर तरह-तरह की अटकलें चल रही हैं। हालांकि राहुल के इस्तीफे की पेशकश के बाद कांग्रेस पार्टी ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल अब भी अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।

आप दिल्ली में सभी सात लोकसभा सीटों पर भारी मतों के अंतर से चुनाव हार गयी। उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव किसी एक विधायक या पार्षद द्वारा नहीं लड़ा जाएगा

इस खराब प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बसपा सुप्रीमों ने रविवार को अपनी पार्टी के सभी पदाधिकारियों और जीते हुये सांसदों को दिल्ली बुलाकर बैठक की। बैठक में मायावती ने नव निर्वाचित सांसदों को लोकसभा सदन के लिए तय पार्टी लाइन से भी वाकिफ कराया।

2019 में कुल 90.90 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के पात्र थे जिनमें से 67 प्रतिशत से अधिक ने वोट डाला है और इस बार लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास में कई सुविधाएं हैं। यहां एक पावर स्टेशन है। वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर और नर्स 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं।

इस चुनाव ने आरएलडी की तो मानों जान ही निकाल दी है। महागठबंधन के सहारे इस बार दिल्ली ससंद पहुंचने की आस लगाए बैठे अजित सिंह और बेटे जयन्त इस बार भी नही जीत सके। अजित सिंह उम्र के जिस पंडाव पर हैं।