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कोरोना वायरस की चपेट में प्रिंस चार्ल्स, स्पेन की राजकुमारी, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनशन समेत कई दिग्गज नेता और बड़ी शख्सियत आ चुकी हैं। इसी कड़ी में अब कोरोना वायरस ईरान की संसद तक पहुँच गया। यहां संसद के स्पीकर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गयी है। जिसके बाद अब उन्हें अलग रखकर इलाज किया जाएगा।

वैसे तो पूरी दुनिया में इस कोरोना ने अपना संक्रमण फैला रखा है। ऐसे में स्‍पेन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 10,000 पार कर गया है। स्‍पेन में बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 950 लोगों की मौत हो गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान या ईरानी समर्थित समूहों द्वारा इराक में अमेरिकी सेना या संपत्तियों पर हमला करने पर ईरान को अमेरिका की तरफ से सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोग पूरी दुनियाभर में फैले हुए हैं। तबलीगी जमात दुनिया के 150 देशों में सक्रिय है, इन देशों में जमातें इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए जाती हैं।

पिछले दिनों भी ईरान से कुछ यात्री वापस लाए गए थे। इस बार सरकार ने फिर से 277 भारतीयों को वापस लाने का फैसला किया। अब इनके साथ सरकार क्या करने वाली है, पढ़ें-

दुनिया के कई देश कोरोना से जंग में मशक्कत कर रहे हैं। अमेरिका भी चपेट में है लेकिन वह अब तक दो देशों को मदद की पेशकश कर चुका है। पहले उसने चीन से कहा था लेकिन उसकी पेशकश ठुकरा दी गई। अब उसने इस देश को....

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दो सप्ताह के आपातकाल की घोषणा इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हुई है। सोमवार से सार्वजनिक मनोरंजन के साधनों पर रोक लगा दिया गया है, साथ ही सार्वजनिक परिवहन सीमित कर दिया है।  

अब तक पूरी दुनिया में 170 से ज्यादा देशों में फैले कोरोना वायरस की वजह से 9,020 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से 712 लोगों की मौत हुई है। कोरोना की चपेट में सबसे ज्यादा चपेट में यूरोप आया है।

कोरोना वायरस के खतरे को लेकर पाकिस्‍तान में भी दहशत का आलम है। पाकिस्‍तान की कोशिश है कि कोरोना वायरस उसके मुल्‍क में दाखिल नहीं होने पाए। इसके लिए पाकिस्‍तान ने ईरान से लगने वाली सीमा पर वायरस से संक्रमित होने की आशंका में कम से कम 200 लोगों को अलग थलग रख दिया है।

ईरान से कोरोना वायरस की जो जानकारी निकलकर सामने आ रही है वो ये है कि इस वायरस की चपेट में आने से यहां पर 135 लोगों की जान चली गई है। दुनिया के कुछ देशों में हालात इस कदर खराब हो गये हैं कि वहां पर कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आदमी नहीं मिल रहे हैं।