latest up news

एक लाख बीस हजार करोड़ की 'हर घर नल हर घर जल' परियोजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए आप प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। बस महिलाओं को अवसर मिलने की जरूरत है। अवसर मिलते ही महिलाएं सफलता का झंडा बुलंद कर देती हैं। पटेल ने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के बराबर काम कर रही हैं।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि हसन के बाद उसके छोटे भाई गुड्डू ने भी किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

परजिनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम करेहदा निवासी मुकेश मिश्र की बेटी खुशी मिश्रा के पेट में 15 फरवरी को दर्द हुआ। इसके बाद परजिन उसे यूनाइटेड मेडिसिटी अस्पताल रावतपुर लेकर गए।

टीपीनगर क्षेत्र के लल्लापुरा स्थित सिद्धार्थपुरम निवासी सोनम रानी के पति वीरपाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। वह एटा जिले के थाना बागवाला पर तैनात हैं। सोनम उनसे मिलकर गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे रोडवेज बस से सोहराब गेट डिपो पर उतरीं।

शिकायतकर्ता की भाभी की जमीन पर सुनील सिंह पुत्र प्रकाश निवासी 110 राम बिहार कालोनी पारा राजाजीपुरम ने 26 फरवरी को अपने आठ दस साथियों के साथ जिन्हें शिकायतकर्ता पहचान सकता है।

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के सिलावन गांव निवासी विष्णु तिवारी को हाईकोर्ट ने 20 साल बाद बलात्कार व हरिजन एक्ट के मामले में निर्दाेष साबित किया है। अब जेल से रिहा हुए इस अकेले बचे इंसान के पास अपना कुछ भी नहीं बचा है। इन 20 सालों में विष्णु अपने दो बड़े भाइयों व मां-बाप सहित चार सदस्यों को खो चुका है।

दीपक सिंह ने कमेटी गठित करने की मांग की, लेकिन सरकार ने कहा कि पहले वे सूची दें। नेता सदन ने कहा जब तक सूची नहीं तब तक कमेटी नहीं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्य ने सदन से वाकआउट किया।

पूर्व सांसद बीते 6 जनवरी 21 की रात में लखनऊ के थाना विभूति खण्ड स्थित कठौता चौराहे पर हुए गैंगवार में मऊ मुहम्मदाबाद गोहाना के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में वांक्षित बताये जा रहे हैं।

विपक्ष का कहना था कि जब आज की बैठक में संपूर्ण बजट पारित हो गया है और दलीय नेताओं द्वारा नेता सदन और संसदीय कार्यमंत्री के प्रति आभार जताया जा चुका है तब इस तरह का विधेयक लाए जाने का कोई औचित्य नहीं है।