Locust attack

बुन्देलखण्ड पिछले कुछ वर्षो में एक ऐसा क्षेत्र हो गया है, जहां पर किसानों पर आपदाऐं कम होने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष 2019 में इस इलाके में अत्यधिक बारिस हुयी जिसके कारण खरीफ की फसले बडे पैमाने पर नष्ट हो गयी।

जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने कहा कि टिड्डी दल जहां हरी घास है, वहां अधिक प्रकोप हो सकता है। अतः ऐसे संभावित स्थान जहां हरियाली है उन स्थानों को चिन्हित कर लें और दल के मूवमेंट की जानकारी अवश्य साझा करें। उन्होंने कीटनाशक रसायन की उपलब्धता ब्लॉक स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कोविड-19 का प्रकोप झेल रहे भारत में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले विदेशी कीट फॉल आर्मी वर्म का मामला थमा नहीं है कि किसानों के लिए एक और बुरी खबर आ गई।

पर्यावरण मंत्रालय का कहना है कि इन टिड्डियों के कारण फसलों और सब्जियों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। यही कारण है कि मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को अलर्ट भी जारी किया गया है।

राजस्थान, पंजाब व गुजरात के पाक सीमा से सटे गांवों में फसल बर्बाद हो रही है इसकी वजह टिड्डियों का हमला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार टिड्डियों के हमलों में करोड़ों रुपयों की लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। कृषि मंत्रालय के टिड्डी नियंत्रण विभाग के  प्रयास के बाद भी तीन से चार लाख हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई हैं।