maa durga

लखनऊ: नवरात्रि का नवां दिन मां सिद्धिदात्री का है जिनकी आराधना से व्यक्ति को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती है उसे बुराई से लडऩे की शक्ति मिलती है। मां सिद्धिदात्री की आराधना से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कमल के आसान पर विराजमान मां सिद्धिदात्री के हाथों में कमल, शंख गदा, सुदर्शन …

इलाहाबाद: देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप के 51 शक्तिपीठ है जो लोगों के आस्था का केंद्र है। जहां पर हजारों लाखों की संख्या में हर साल भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए माथा टेकते है,लेकिन उनमें से तीर्थराज प्रयाग में सती का एक ऐसा अनोखा शक्तिपीठ है जहां पर उनकी कोई मूर्ति नहीं है …

वाराणसीः नवरात्र के सातवें दिन भक्त मां कालरात्रि के रूप के दर्शन करते हैं। काशी में कालिका गली में मां कालरात्रि देवी का भव्य और अति प्राचीन मंदिर विद्यमान है। रात से ही यहां मां के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है। मां कालरात्रि को शत्रु नाशक रक्षा की देवी माना जाता …

सहारनपुर: देवी दुर्गा के सभी रूपों की पूर्जा अर्चना की जाती है। देश के अलग-अलग भागों में उनके अलग-अलग स्वरुपों का पूजन होता है। सहारनपुर जनपद मुख्यालय से 46 किलोमीटर दूर स्थित देवबंद नगर। यहां  देवी मां के बाला सुंदरी रूप की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां गौरी (सती) का यहां …

लखनऊ: चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रत्येक तिथि का धर्मशास्त्रों में  विशेष महत्व है। इसकी प्रतिपदा से चैत नवरात्रि शुरू होती है। इस दौरान  नवरात्रि के साथ रामनवमी होने से महत्व दोगुना हो जाता है। कहा गया है कि त्रेता युग में इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्म राम का जन्म हुआ था। रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ और …

वाराणसीः नवरात्रि के दूसरे दिन भी सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। शैलपुत्री के बाद मां के बह्मचारिणी रूप की पूजा की गई। भोले बाबा की नगरी काशी में भी चारों तरफ जय माता दी के जयकारे लग रहे हैं। गंगा किनारे बालाजी घाट पर मां बह्मचारिणी का एक प्राचीन …

लखनऊ: ‘जय माता दी बोल, भग्‍ता जय माता दी बोल’ , जी हां नवरात्रि शुरू हो चुकी है। चारों ओर बस शेरोंवाली के जयकारों की ही गूंज सुनाई दे रही है। पूरे नौ दिन तक चलने वाले नवरात्रि को हमारे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इन दिनों हर कोई भक्ति भाव …

लखनऊ: नवरात्र में साधक देवी के 9 रूपों की आराधना करते हैं। ये कटु सत्य है कि यदि बिना किसी स्वार्थ, त्याग और पूरी तरह से भक्ति में लीन होकर देवी की आराधना की जाए तो मनोवांछित फल प्राप्त होता है, जो सालभर की पूजा-पाठ से भी नहीं मिलता है। इन दिनों में दुर्गा सप्तशती के …

  लखनऊः भारतीय संस्कृति में नारी को सृजनात्मक शक्ति, मातृ शक्ति व दिव्य शक्ति के रूप में प्रतिस्थापित किया गया है। शक्ति ही चेतना है, सौन्दर्य है, इसी में संपूर्ण विश्व निहित है। नारी शक्ति के इसी महत्व के कारण महालक्ष्मी विश्व की समस्त ऐश्वर्य संपदाओं की स्वामिनी, महासरस्वती समस्त विद्याओं की अधिष्ठात्री व महाकाली …