mayawati statement

उत्तर प्रदेश में पहली बार उपचुनाव लड़ने उतरी बसपा को 11 सीटों में कही भी सफलता नहीं मिली और उपचुनाव के लिए बसपा का दलित-मुस्लिम गठजोड़ का कार्ड बुरी तरह फेल हो गया।

अब मायावती 11 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अकेले दम पर लड़ने की बात कर रही है। मौजूदा लोकसभा चुनाव का नतीजा देख कर मायावती समझ गयी है कि यादवों का वोट उन्हे नहीं मिल पायेगा, चाहे प्रदेश में यादवों के सबसे बड़े अलमबरदार ही उनको समर्थन करे।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जो वादे किये थे उनको भुला दिया। जो सपने दिखाए थे उनकी बात नहीं करते है। अच्छे दिनों के वादों को क्या हुआ? भाजपा के राज में देश कई मामलो में पिछड़ गया है। देश पर पहले 35 लाख करोड़ कर्ज था अब 70 लाख करोड़ कर्ज हो गया है।

मायावती ने कांग्रेस के वादों को खोखला बताते हुए कहा कि कांग्रेस छह हजार रुपये महीने देने की बात कर रही है लेकिन यदि गठबंधन को केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हम सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में नौकरी की व्यवस्था करेंगे.

मायावती ने लोकसभा चुनाव के छठे चरण के लिये होने वाले मतदान के पहले शुक्रवार को प्रचार अभियान के अंतिम दिन उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि पिछले पांच साल के मोदी राज में दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के लिये विकास के कोई काम नहीं हुये।

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में गरीबों को ₹6000 प्रतिमा माह दिए जाने का वादा के क्रम में मायावती ने कहा कि मेरी सरकार बनते ही गरीबों के लिए स्थाई रोजगार व्यवस्था एवं युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरियां दिये जाने का काम किया जाएगा|

प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने कहा कि मायावती द्वारा आगे भी इसी प्रकार की भाषणबाजी करके चुनाव का माहौल खराब करने व धार्मिक उन्माद फैलाने की पूरी संभावना है इसलिए चुनाव आयोग तत्काल कदम उठाये। उन्होंने दावा किया कि एक बार फिर से जाति, धर्म और तुष्टीकरण के सहारे जीत का स्वप्न देख रहीं मायावती के हाथ हार ही लगेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसे लोगों को टिकट दिया है, जो गठबंधन के वोट काटे और भाजपा का रास्ता साफ हो। मायावती ने ऐलान किया कि मेरठ वालो का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार को देवबंद में गठबंधन की संयुक्त रैली के बाद विपक्षियों में खलबली मची हुई है।

बसपा के इस फैसले के बाद जहां-जहां भी त्रिकोणीय मुकाबला होगा, भाजपा को फायदा हो सकता है। मोदी और भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन की कोशिश होती रही है। मायावती का यह बयान उन कोशिशों के लिए तगड़ा झटका है।

यूपी मुख्यमंत्री योगी ने अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से क्यों ना संबद्ध हों।