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मोदी सरकार की प्रमुख मुद्दों में से एक एनआरसी अर्थात 'नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस' रहा है। असम में एनआरसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य याचिकाकर्ता अभिजीत शर्मा के मुताबिक 10 साल पहले 2009 में प्रदीप कुमार भुयन ने इस दिशा में पहल की थी, और उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है।

फॉरनर्स ट्रिब्यूनल अर्ध न्यायिक कोर्ट का काम उन लोगों की अपील सुनना होता है, जिनको NRC सूची से निकाला गया होता है। फॉरनर्स ट्रिब्यूनल अर्ध न्यायिक कोर्ट में जजों का काम होता है लोगों की अपील सुनना और उसपर फैसला सुनाना।

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की लिस्ट शनिवार यानी 31 अगस्त को आएगी। इससे पहले प्रदेश के कई लोगों में में तनाव बढ़ गया है। इस लिस्ट से 41 लाख लोगों को बाहर किया जा सकता है। इसलिए इन लोगों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।

केंद्र और असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) में गलत तरीके से नागरिकों को जोड़ने और हटाने के आरोप लगाते हुए इसे अंतिम रूप देने के लिए अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की है। अभी इसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वोत्तर के राज्य असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की फाइनल रिपोर्ट की डेडलाइन को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा है, लोकसभा चुनाव को देखते हुए 31 जुलाई तक रिपोर्ट को पूरा हो जाना चाहिए।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर में प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमर हमला बोला। साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की उलब्धियों को भी जनता के सामने रखा।

असम में करीब 30 लाख की आबादी जिनका नाम एनआरसी में शामिल नहीं है उन्हें वोट देने के अधिकार से हाथ धोना पड़ सकता है। रेकॉर्ड के मुताबिक, ये ऐसे लोग हैं जो जिन लोगों ने अभी तक एनआरसी सूची में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार का दावा नहीं किया है।एनआरसी रिपोर्ट के मुताबिक, 40 लाख में से महज 10 लाख की आबादी ने ही इसके लिए फिलहाल दावा किया है।

नई दिल्ली : असम में एनआरसी का दूसरा मसौदा जारी हो गया और जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था, इसमें 40 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। इस मसले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि असम में सिर्फ भारतीय को ही वोट देने के अधिकार होंगे। इसके बाद असम के मुख्य …

हर वर्ष करीब तीन लाख और अब तक करीब 1.5 करोड़ बांग्लादेशी भारत वर्ष में घुसपैठ कर चुके हैं। (माधव गोडबोले की रिपोर्ट, 2000) बड़ी संख्या में बांग्लादेशियों के घुसपैठ के कारण असम ‘वाह्य अक्रमण एवं आंतरिक अशांति‘ से ग्रस्त है। (सर्वोच्च अदालत की टिप्पणी, 2005) बांग्लादेशी घुसपैठियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी आंतरिक सुरक्षा …

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की पूरी प्रक्रिया में किसी तरह का भेदभाव व अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसे निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। राज्यसभा में एनआरसी मुद्दे पर संक्षिप्त अवधि की चर्चा का जवाब …