Pragatisheel samajwadi party

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव के बीच लड़ाई अंतिम दौर पर पहुंच गई है। लोकसभा चुनाव के बाद अटकले लगाई जा रही थी कि चाचा भतीजे मिलकर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे लेकिन इस पर अब विराम लग गया है। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष के यहां याचिका दायर कर शिवपाल सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

अखिलेश के पार्टी संभालने के बाद से ही पार्टी में काफी कुछ बदल गया है। कई पुराने नेता हाशिये पर आ गये और नये-नये आये लोगों के हाथों में पार्टी की बागडोर आ गयी। अब सुलह के मसले पर यही लोग रोड़े अटका रहे है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (प्रसपा) के लखनऊ लोकसभा सीट से प्रत्याशी व शहर के बड़े डॉक्टरों में शुमार डॉ॰ रमेश कुमार ठुकराल ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। डॉ॰ ठुकराल ने  गुलाचीन मंदिर, विकास नगर, रिंग रोड, अलीगंज आदि क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने यूपी के अलावा दो अन्य राज्यों में भी प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को यूपी के दो, मध्य प्रदेश की चार और झारखण्ड की दो लोकसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों को उतारा है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को यहां कहा कि प्रसपा नौ राज्यों में अभी तक 41 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार चुकी है।

यहां जगदीशपुर में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश समझ रहा है कि  हम चाहते थे कि हमारा भी एक गठबंधन हो एलायंस में हम भी शामिल हों। जो गठबंधन बना है अखिलेश का और मायावती जी का उसमें भी हम चाहते थे।

चुनावी माहौल में कभी यूपी के अपराजेय योद्धा मुलायम सिंह यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले शिवपाल सिंह यादव खुद को बेगाना महसूस कर रहे हैं।