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महाराष्ट्र में बहुत सारे ड्रामें के बाद अब आखिरी में उद्धव ठाकरे की सरकार बन गई है। अब देखना होगा उद्धव सरकार महाराष्ट्र की कमान किस तरीके से संभालती है।

महाराष्ट्र में आखिरकार शिव सेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बन गई है। उद्धव ठाकरे भाजपा की सरकार में ढाई साल बाद मुख्यमंत्री पद मांग रहे थे लेकिन वे अभी ही मुख्यमंत्री बन गए।

जयराम रमेश ने कहा कि हालांकि विचारधारा के मामले में शिवसेना और कांग्रेस दो विपरित धुव्र की पार्टियां थीं, लेकिन इस पार्टी के शुरुआती दौर में फलने-फूलने के लिए कई तरह से कांग्रेस के दो नेताओं की भूमिका थी।

क्यों भाजपा के हाथों से महाराष्ट्र की सत्ता फिसली ? कब अजीत पवार थके मांदे घर वापस लौटे? कैसे माहभर से तरसते उद्धव ठाकरे ने अंततः कुर्सी हथिया ही ली?

उन्होंने कहा कि अब हमारा ध्यान गोवा की राजनीति पर है। साथ ही कहा कि गोवा के पूर्व डिप्टी सीएम विजय सरदेसाई के साथ तीन विधायक शिवसेना के साथ गठबंधन कर रहे हैं। वहीं इस बयान के बाद विजय सरदेसाई ने कहा कि सरकार बता कर नहीं बदलती।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है, लेकिन उनके सामने शपथ लेने के बाद ही चुनौती खड़ी हो गई है। अब उनके लिए एनसीपी और कांग्रेस को साधना कठिन काम होगा।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद उन्होंने पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने मंत्रियों के साथ प्रेस कांफ्रेंस की और सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का ऐलान किया।

शिवसैनिकों ने खुशी में जबर्दस्त आतिशबाजी भी की। उद्धव ठाकरे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि वे ठाकरे परिवार से सीएम बनने वाले पहले नेता हैं। वे शिवसेना से तीसरे और राज्य के 19वें मुख्यमंत्री होंगे। उनके साथ छह मंत्रियों ने शपथ ली। सीएम पद की शपथ लेने के बाद उन्हें पीएम नरेन्द्र मोदी समेत कई नेताओं ने बधाई दी है।

उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। एक पेशेवर फोटोग्राफर से लेकर महाराष्ट्र की सत्ता का सिरमौर बनने तक की उद्धव की कहानी उस फिल्म की तरह है जिसमें हर पल एक नया ट्विस्ट आता रहा।