Sonbhadra Land Dispute

जमीन विवाद मैं अभी और भी कई बड़ी कुर्सियां जद में आ सकती हैं। क्योंकि ईमानदारी और गहराई से जांच की जाए तो निश्चित रूप से यह तथ्य सामने आ सकते हैं कि आखिर पूर्व में बैनामा हो चुके इस जमीन को किन परिस्थितियों में यह नही पता किया गया कि जमीन साफ सुथरी है या नही जबकि मामला शासन से जुड़े होने के जार्न पूरा राजस्व विभाग और रजिस्ट्रार इसमे सम्मिलित थे।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि कुल 1135 बीघा जमीन जो गलत ढंग से कोआपरेटिव सोसाइटी को दी गयी थी उसे बंजर जमीन घोषित कर दिया गया है। उस बंजर जमीन में से पट्टायोग्य 851 बीघा जमीन कुल 281 परिवारों को जमीन का पट्टा दिया जा रहा है।

उम्भा गांव में 17 जुलाई को जमीन के एक पुराने विवाद में 10 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में 28 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 61 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

सोनभद्र कत्लेआम से कई माह पूर्व अपना दल( एस) के दुद्धि विधायक हरिराम चेरो द्वारा कई माह पूर्व ही मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्राचार के माध्यम से समस्या के त्वरित निस्तारण करने के लिए आग्रह व निवेदन किया गया था किंतु नौकरशाही ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। यदि नौकरशाही चेत जाती तो सोनभद्र कत्लेआम से बच सकता था।

जिलाधिकारी के साथ क्षेत्रीय सांसद, क्षेत्रीय MLC और जिले के विधायक भी मौजूद रहे ।जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि मारे गए 10 लोगों के परिजनों को पांच पांच लाख और घायलों को 50 50 हज़ार की धनराशि प्रदान की गई है ।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में जमीन विवाद में कब्जे को लेकर हुए हत्याकांड में फरार ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त और उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यज्ञ दत्त इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इस मामले में पुलिस अभी तक 26 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।