special-story

KMCEL नाम तो सुने ही होंगे आप, बताया जाता है यह लालू यादव के गुनाहों का 'मकबरा' है, कहा ये भी जाता है कि लालू ने किस तरह इंजीनियर्स को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया था, इसकी मिसाल है निरसा के कुमारधुबी का KMCEL।

आतंकियों का दूसरा ठिकाना समुद्र बन रहा है। आप यह बात पढ़ कर थोड़े हैरान होंगे, लेकिन यह बात सही है। जिस तरह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के चीफ अबु बकर अल बगदादी के शव को समुद्र में दफनाया गया है।

मनोहर लाल खट्टर 26 अक्टूबर 2014 को हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले पहले भाजपा नेता हैं। पूर्व आरएसएस प्रचारक और हरियाणा के 10 वें मुख्यमंत्री हैं, और भाजपा 2014 के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भूपिंदर सिंह हुड्डा (आईएनसी) के राज्य से जीत हासिल की थी

जब देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की, तब पूरे विदर्भ और नागपुर में अकेले भाजपा नेता नितिन गडकरी ही थे। फडणवीस ने गडकरी के मार्गदर्शन में ही अपनी राजनीतिक सफर शुरू किया। बाद में, जैसे जैसे भाजपा के अंदरुणी समीकरण बदलने लगे वैसे वैसे फडणवीस ने गडकरी से खुद को दूर कर लिया और पार्टी में उनके विरोधी माने जाने वाले गोपीनाथ मुंडे का हाथ थाम लिया।

डकैतों का इतिहास बहुत पुराना रहा है । यहां की भौगोलिक स्थिति अपराधियो के लिए काफी अनूकूल है। प्रारम्भ से ही आज भी यह क्षेत्र जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण डकैतों की शरणस्थली रहा है। दस्यु समस्या होने के कारण यहां का विकास काफी प्रभावित हुआ। बता दें कि बुन्देलखण्ड का चित्रकूट जिला डकैतों के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कमलेश ज़िंदा न बचे इसलिए गला रेतने के बाद उसे गोलियों से भून दिया गया।

सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर आज अपना 22वां जन्मदिन मना रही हैं। सारा अपने पैरेंट्स के साथ अक्सर किसी ना किसी पार्टी में दिखाई देती रहती हैं।

सरकार का कौनसा विभाग है, जिसमें भ्रष्टाचार नहीं है ? अफसर और कर्मचारी जिस बेशर्मी से नागरिकों से घूस मांगते हैं और उन्हें तंग करते हैं, उसका चित्रण करना बड़ा मुश्किल है। इसका मूल कारण है- हमारे नेताओं का भ्रष्ट होना। कर्मचारियों को पता है कि उनके राजनीतिक स्वामी मोटा पैसा खाए

सुंदर ने एक इंटरव्यू में बताया कि गूगल में जॉब के लिए मेरा इंटरव्यू 1 अप्रैल, 2004 को हुआ था, तब जीमेल लॉन्च हुआ था और मुझे इसके बारे में कुछ खास जानकारी नहीं थी। जब मुझसे जीमेल के बारे में पूछा गया तो मुझे लगा कि ये अप्रैल फूल को लेकर मजाक किया गया है।

दरअसल, कारण यह भी बताया जा रहा है कि मुख्यालय से काफी दूर होने के कारण कोई भी शिक्षक यहां आना ही नहीं चाहता, जिसका प्रभाव यह है कि लगभग पौने दो सौ की छात्रों को पढ़ाने के लिए महज तीन ही शिक्षक ही विद्यालय में उपस्थित होते हैं।