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कोरोना वायरस भारत समेत पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। मोदी सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। भारत की कोरोना से निपटने को लेकर दुनिया में तारीफ हो रही है।

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। इस जानलेवा महामारी से निपटने के लिए अमेरिका ने भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई की मदद मांगी थी। इसके बाद भारत ने अमेरिका की मदद की और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा भेजी थी।

अमेरिका में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां नये मरीजों के मिलने और कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक की रातों की नींद उड़ चुकी है।

पूरी दुनिया को दहलाने वाले कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कहर अमेरिका में ढाया है। वहां अब तक करीब साढ़े नौ लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 54000 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस दुनियाभर में तबाही मचा रहा है। अब दुनिया के कई देशों में हालत ऐसी हो गई है कि वहां लाशों को रखने का जगह नहीं है। ऐसा ही मामला ब्राजील से सामने आया है।

चीन से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। चीन पर इस किलर वायरस को लेकर जानकारी छुपाने का आरोप है। चीन और अमेरिकी में जुबानी जंग तेज हो गई है। कोरोना वायरस ने अमेरिका में तांडव मचा रखा है।

कोरोना संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह अगले 60 दिन के लिए नए ग्रीन कार्ड जारी करने या वैध स्थायी निवास की अनुमति देने की प्रक्रिया पर रोक लगा रहे हैं।

कोरोना वायरस दुनियाभर में तबाही मचा रहा है। इस जानलेवा वायरस को लेकर अमेरिका और चीन में जुबानी जंग जारी है। अब चीन ने अमेरिका पर जोरदार हमला बोला है। इसके साथ चीन ने अमेरिकी से कई तीखे सवाल पूछे हैं।

कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है और इमिग्रेशन पर फिलहाल रोक लगा दी है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार सुबह ये बड़ी घोषणा की।

चीन ने कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए अमेरिकी टीम को अपने देश में प्रवेश देने से मना कर दिया है। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस बाबत की गई मांग को ठुकराते हुए कहा कि अमेरिका को यह समझना चाहिए।