vaccination

भारत सरकार ने नेपाल, समेत 15 देशों में स्वदेशी वैक्सीन की सप्लाई की है। वहीं ऐसे 25 देश और हैं, जिन्हें भारतीय टीके का इंतज़ार है।

फ्रंट लाइन कर्मचारियों को 11, 12 और 18 फरवरी को कोविड वैक्सीनेशन का कार्य किया जायेगा। किसी प्रकार का कोविड लक्षण आने पर तत्काल जांच कराएं। सरकार की ओर से जांच और ईलाज निःशुल्क है।

देश को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने दिल्ली हिंसा का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर जो हुआ उससे देश में गुस्‍सा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के अन्तर्गत समस्त कार्यवाही केन्द्र सरकार की गाइडलाइन्स, मानकों के अनुसार की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में आज हेल्थ वर्कर्स का कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है।

डॉ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि जीन स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण हो जा रहा है। उन्हे वेटिंग हाल में डाक्टरों व नर्स के निगरानी में आधे घंटे तक रोका जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह टीका पूर्णता सुरक्षित है और किसी भी तरह का शरीर पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालता। इसीलिए सभी लोग भ्रांतियों से दूर रह कर टीकाकरण करवाएं।

एक तो यह टीका पिछले एक सप्ताह में जितने लोगों को लगा है, उतना इतने कम दिनों में किसी देश के लेागों को नहीं लगा है। अमेरिका के लोगों को भी नहीं, यूरोपीय देशों और चीन के लोगों को भी नहीं।

भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गयी कोविशील्ड वैक्सीन की खुराकें पूरे दक्षिण एशिया में बांटी हैं। 20 जनवरी को नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव और भूटान को मुफ्त कोरोना वैक्सीन की पहली खेप भेजी गयी।

पहले चरण के बाद अगले दूसरे चरण में शीघ्र ही 30 करोड़ लोगों को कोरोना का वैक्सीन लगाए जाने का अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोड़ देते हुए कहा कि देश अपना स्वयं का वैक्सीन बना रहा है वह भी एक नहीं दो-दो मेड इन इंडिया।