vaccination

हम वाकई ये नहीं जानते हैं कि कोरोना का टीका कितना प्रभावी होगा। अगर यह प्रभावी हुआ भी, तो इस बात की संभावना कम है कि तुरंत ही सब कुछ पहले की तरह हो जाएगा। वैक्सीन को लेकर देश में कई अफवाहें उड़ रही हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कोरोना वैक्सीन को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट कर एलान किया कि वे वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब किसी महामारी से लड़ते हैं तब सरकारें सिर्फ नेतृत्व करती हैं। लेकिन सफलता जन सहयोग और सभी संस्थाओं से साझा प्रयास से मिलती है।

सीरम इंस्टिट्यूट की ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन को हरी झंडी दिखाई जा चुकी है। अब भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू होगा। सबसे पहले विशेषज्ञों का समूह सीरम इंस्टिट्यूट को एक ऑर्डर भेजेगा। इसमें बताया जाएगा कि कंपनी को किस स्थान पर कितनी मात्रा में वैक्सीन भेजनी है।

बीते 9 महीनों से कोविड का कहर झेल रहे लोगो को अब इससे बचाव की वैक्सीन जल्द ही लगाई जाएगी। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

बहुत सी कंपनियों ने अब स्मार्टफोन एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर विकसित करना शुरू कर दिया है, जो व्यक्तियों को खास स्वास्थ्य सूचनाओं को इनपुट करने में समर्थ बनाएगा।

जनवरी के किसी भी हफ्ते में देश को वैक्सीन मिल जाएगी। लेकिन किसी भी व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचने से पहले एक लंबी प्रक्रिया भी है। वैक्सीन का भंडारण, राज्यों में वैक्सीन को भेजना और फिर जिला, शहर, गांव स्तर तक उसे पहुंचाना।

भारत में अब लोगों के मन में वैक्सीनेशन को लेकर कई तरह के सवाल हैं, जिनके जवाब स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए हैं। मंत्रालय का कहना है कि सरकार जल्द ही टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए छह आम सवालों की सूची के साथ, अन्य लोगों के लिए कुल 21 सवाल और उनके जवाब जारी किए हैं।

एक सेंटर में प्रतिदिन हर सत्र में 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जायेगी। यदि उचित संसाधन रहेंगे तो लोगों की संख्या 200 तक की जा सकती है।