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Death Date Calculator: रेस्पेक्ट कैलकुलेटर बताएगा कब होने वाली है मृत्यु

Death Date Calculator: कनाडा के 13 शोधकर्ताओं ने वृद्ध लोगों के जीवन और जोखिम के आंकलन का एक कैलकुलेटर डेवलप किया है।

Neel Mani Lal

Neel Mani LalWritten By Neel Mani LalShivaniPublished By Shivani

Published on 19 July 2021 7:01 AM GMT

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Death Date Calculator : किसी की मौत कब होगी, कोई नहीं बता सकता क्योंकि मौत का कोई फार्मूला नहीं है। लेकिन शायद अब जीवन के अंत की भविष्यवाणी की जा सकेगी। दरअसल, कनाडा के शोधकर्ताओं ने ऐसा कैलकुलेटर डेवलप किया है जो बता देगा कि क्या किसी वृद्ध व्यक्ति की मौत अगले पांच साल में होने वाली है? ये कैलकुलेटर नहाने, पैदल चलने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों पर आधारित है, डाक्टरों का कहना है कि किसी व्यक्ति में सिर्फ बीमारी के बारे में पता चलने से ये निश्चित तौर पर नहीं बताया जा सकता है कि उस व्यक्ति की मौत कब होगी, लेकिन रोजमर्रा की गतिविधियों का ट्रेंड ज्यादा पक्के तौर पर अवसान के बारे में भविष्यवाणी कर देता है। शोधकर्ताओं ने साफ़ किया है कि 'रेस्पेक्ट कैलकुलेटर' वृद्ध लोगों को ही ध्यान में रख कर बनाया गया है। ये एनी लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं है।

मौत का पूर्वानुमान देगा रेस्पेक्ट कैलकुलेटर (Respect Calculator Predict Death)

कनाडा के 13 शोधकर्ताओं ने वृद्ध लोगों के जीवन और जोखिम के आंकलन का एक कैलकुलेटर डेवलप किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वृद्ध लोगों के परिवारवाले इस कैलकुलेटर के जरिये भविष्य की सम्भावना को देख कर प्लानिंग कर सकते हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि अंत समय की जानकारी काफी एडवांस में हो जाने पर लोगों की देखभाल अच्छे से की जा सकती है। अभी तो मृत्यु के बहुत करीब आने पर ही उचित देखभाल शुरू हो पाती है, नतीजतन आखिरी के महीनों में जीवन की गुणवत्ता को बहुत बेहतर नहीं किया जा सकता है। अगर काफी एडवांस में जानकारी हो जायेगी तो मृत्यु के करीब पहुँच रहे लोगों को बहुत सी खुशियाँ दी जा सकती हैं।

कनाडा के शोधकर्ताओं मे तैयार किया मौत की तारीख बताने वाला कैलकुलेटर

ब्रुयेर रिसर्च इंस्टिट्यूट की शोधकर्ता एमी सू का कहना है कि कब क्या होने वाला है इसके बारे में जान कर लोग अपने परिवार के वृद्ध जनों के साथ मौजूद रह सकते हैं। मिसाल के तौर पर कोई जवान बेटा या बेटी अपने काम से छुट्टी ले कर माता-पिता के साथ समय बिता सकते हैं। इसे अलावा और इससे चिकित्सकों, होम केयर स्टाफ आदि को अपने मरीज की गिरती स्थिति पता चल सकेगी और वे उसी के अनुरूप बेहतर काम कर सकेंगे। क्योंकि जैसे जैसे किसी व्यक्ति की सेहत गिरती जाती जाती है, उन्हें और अधिक सपोर्ट और देखभाल की जरूरत होने लगती है। रेस्पेक्ट कैलकुलेटर से ये पता लग जाएगा कि किसी की जिन्दगी कितने दिन की बची है और उसी के अनुरूप स्पेशल केयर और सपोर्ट उपलब्ध कराया जा सकेगा।

शोधकर्ताओं ने 2007 से 2013 के बीच 6 साल के दौरान 4 लाख 91 हजार वृद्ध लोगों की दैनिक आदतों का अध्ययन किया है और उसी के आधार पर ये कैलकुलेटर डेवलप किया गया है।

रेस्पेक्ट कैलकूलेटर की खासियत

इस कैलकुलेटर में ढेरों सवाल हैं जिनका जवाब देना होता है। इसमें व्यक्ति की उम्र, सेक्स, याददाश्त की स्थिति, कौन सी बीमारियाँ हैं, शिक्षा का क्या लेवल है, पति/पत्नी हैं कि नहीं, सेहत का लेवल क्या है, वजन घटने जैसे कोई लक्षण हैं नहीं, डायलिसिस जैसी कोई थेरेपी इस्तेमाल कर रहे हैं कि नहीं, बीते एक साल में कितनी बार अस्पताल या डाक्टर के यहाँ जाना पड़ा है जैसे 17 सवाल हैं।
शोधकर्ताओं ने 13 लाख डाक्टरी विश्लेषणों और 1,12,823 मौतों के डेटा पर आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस आधारित कैलकुलेशन बनाया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये कैलकुलेटर एकदम सटीक अनुमान लगाता है।
Shivani

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