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बुलंदशहर कांड की सीलबंद रिपोर्ट पेश, कोर्ट ने अन्य हाई वे रेप की भी मांगी जानकारी

कोर्ट ने बुलंदशहर में ही 7 मई और 12 मई की लूट और दुराचार की घटना पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने के कदमों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि इस घटना की खबर अखबारों में पुलिस सूत्र से छपी है और पुलिस ने कार्यवाही नहीं की है। खबर छपने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही करना क्या सही है? कोर्ट ने कहा एक के बाद एक महिला अपराधों की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस सुरक्षा देने में विफल है।

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zafarBy zafar

Published on 11 Aug 2016 3:06 PM GMT

बुलंदशहर कांड की सीलबंद रिपोर्ट पेश, कोर्ट ने अन्य हाई वे रेप की भी मांगी जानकारी
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इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि लगता है कोई गैंग है जो अपराध कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार इसके मुखिया का पता लगाए। कोर्ट ने यह टिप्पणी बुलंदशहर दुराचार मामले की सुनवाई करते समय की। कोर्ट ने हण्डिया के पास हाईवे पर दुराचार की खबर अखबारों में छपने की चर्चा की। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी पेश की जाय। सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

सरकार की रिपोर्ट पेश

-मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने गुरुवार को बुलंदशहर सामूहिक बलात्कार मामले की सुनवाई की।

-अपर महाधिवक्ता इमरानुल्ला खां और शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने हाईवे-91 पर हुए दुराचार मामले की विवेचना रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में खंडपीठ के सामने पेश की।

-साथ ही हाईवे पर घटी अन्य बलात्कार की घटनाओें के संबंध में एसपी ने एक हलफनामा भी दायर किया, जिसमें बताया कि घटना की प्राथमिकी दर्ज की गयी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

-इनका कहना है कि 30 जुलाई से पहले बुलंदशहर में हाईवे पर घटी घटना लिव इन रिलेशन को लेकर हुई थी। जिसमें दुराचार का आरोप लगा है।

-कोर्ट ने जानना चाहा कि चोटों की रिपोर्ट है, लेकिन दुराचार की मेडिकल रिपोर्ट दी जाए।

अन्य घटनाओं पर भी सख्त

-कोर्ट ने बुलंदशहर में ही 7 मई और 12 मई की लूट और दुराचार की घटना पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने के कदमों की जानकारी मांगी है।

-कोर्ट ने कहा कि इस घटना की खबर अखबारों में पुलिस सूत्र से छपी है और पुलिस ने कार्यवाही नहीं की है। खबर छपने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही करना क्या सही है?

-कोर्ट ने कहा एक के बाद एक महिला अपराधों की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस सुरक्षा देने में विफल है।

-अपर महाधिवक्ता ने कहा कि घटना शर्मनाक है और घटना के बाद बुलंदशहर के कई अधिकारियों का तबादला कर दिया गया।

-सरकार सीबीआई से जांच के खिलाफ नहीं है किन्तु पुलिस सही तरीके से विवेचना कर रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।

-मामले की सुनवाई जारी है।

रमारमण मामले की सुनवाई 16 को

-एक अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमारमण मामले की सुनवाई की अगली तिथि 16 अगस्त तय की है।

-कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा है कि तमाम अधिकारियों का सरकार ने तबादला कर दिया है। रमारमण को नोएडा में तैनात रखने या उनका भी तबादला करने पर राज्य सरकार की क्या राय है।

-मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ कर रही है। रमारमण के लम्बे समय से नोएडा में तैनात रहने और कई विभागों का चार्ज देने पर आपत्ति की गयी है।

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