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Chandauli News: जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग का बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा, लतीफशाह बांध से 25 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज; पूरी तैयारी का दावा
Chandauli News: जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने शुक्रवार को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने लतीफशाह बांध, औरवाटांड और राजदरी-देवदरी का निरीक्षण किया और बताया कि लतीफशाह बियर से फिलहाल 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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Chandauli News: भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर, चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने शुक्रवार को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने लतीफशाह बांध, औरवाटांड और राजदरी-देवदरी का निरीक्षण किया और बताया कि लतीफशाह बियर से फिलहाल 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बताया कि यदि 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन ऐसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति पर कड़ी नजर रखें और किसी भी असामान्य स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए मुस्तैद रहें।जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखें और किसी भी असामान्य स्थिति में तत्काल सूचित करें।इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने नदी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे भी जिलाधिकारी के साथ मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी निरीक्षण दल में शामिल थे, जो तैयारियों की बारीकियों पर नजर रख रहे थे। प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पहले से ही सभी आवश्यक कदम उठा लिए जाएं ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।


