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11 बिल्डरों के वित्तीय आॅडिट में गड़बड़ी, बायर्स का पैसा किया डायवर्ट

बिल्डरों के खातों की जांच के लिए प्राधिकरण द्वारा चिन्हित की गई एमएनसी कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्रा.लि. की आॅडिट रिपोर्ट में ऐसे 11 बिल्डरों की गड़बड़ी सामने आई है। जिन्होंने बायर्स का पैसा प्रोजेक्ट में न लगाकर डायवर्ट कर अन्य परियोजना में लगा दिया। जिसके चलते प्राधिकरण ने इन बिल्डरों को नोटिस जारी कर स्पष्टिकरण पेश करने को कहा है।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 11 Feb 2018 11:39 AM GMT

11 बिल्डरों के वित्तीय आॅडिट में गड़बड़ी, बायर्स का पैसा किया डायवर्ट
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नोएडा: बिल्डरों के खातों की जांच के लिए प्राधिकरण द्वारा चिन्हित की गई एमएनसी कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की आॅडिट रिपोर्ट में ऐसे 11 बिल्डरों की गड़बड़ी सामने आई है। जिन्होंने बायर्स का पैसा प्रोजेक्ट में न लगाकर डायवर्ट कर अन्य परियोजना में लगा दिया। जिसके चलते प्राधिकरण ने इन बिल्डरों को नोटिस जारी कर स्पष्टिकरण पेश करने को कहा है।

दरअसल, प्राधिकरण द्वारा पहले चरण में 14 बिल्डर प्रोजेक्ट के 36 हजार फ्लैट का आॅडिट कराया गया। कंपनी ने आॅडिट रिपोर्ट करीब 45 दिनों में प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष पेश की। इस रिपोर्ट में 11 बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट का पैसा कहीं और डायवर्ट करने की बात सामने आई है। इसके साथ ही इन बिल्डरों ने प्राधिकरण की बकाया राशि भी वर्तमान तक जमा नहीं कराई है। जिसके चलते प्राधिकरण द्वारा इन सभी बिल्डरों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टिकरण मांगा है।

जानकारी के मुताबिक, जिन बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है उन्होंने करीब 1500 करोड़ रुपए की हेरफेर की है। जिसके चलते बायर्स द्वारा पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिल सके हैं। वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो अभी और भी बिल्डरों का आॅडिट होना बाकि है और जो भी बिल्डर गड़बड़ी कर रहा है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि शहर में करीब 94 बिल्डर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। वहीं इनमें अपनी जिंदगीभर की कमाई लगा चुके हजारों बायर्स रोज शासन और प्रशासन से घर दिलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं कई बिल्डर खुद को दिवालिया घोषित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। जिसके चलते आए दिन बायर्स बिल्डरों पर पैसों का गबन करने और उनका पैसा दूसरे प्रोजेक्टों में लगाने का आरोप लगा रहे हैं। इसके चलते सीएम योगी ने बिल्डरों के खातों की जांच के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह में स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर बिल्डरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्यवाही की जाएगी।

इन बिल्डरों को जारी हुआ नोटिस

-लॉजिक्स सिटी डेवलेपर्स प्रा.लि. (सेक्टर-143 स्थित ब्लॉसम जेस्ट)

-यूनिटेक लि. (सेक्टर-117 स्थित यूनिहोम्स)

-रेड फोर्ट जाहांगीर प्रोपर्टिज प्रा.लि (सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलिवर्ड)

-थ्री सी प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. (सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग)

-ग्रेनाइट गेट प्रोपर्टीज प्रा.लि. (सेक्टर-110 स्थित लोटस पिनाचे)

-गार्डेनिया एम्स डेवलेपर्स प्रा.लि. (सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी)

-यूनिटेक एकैसिया प्रोजेक्ट प्रा.लि. (सेक्टर-97,97 स्थित एक्सप्रेस सिटी एंव सेक्टर98 स्थित गोल्फ सिटी)

-लॉजिक्स इंफ्राटेक प्रा.लि. (सेक्टर-93बी स्थित आॅमेक्स स्पा, आॅमेक्स हैरिटेज, ग्रैंड कोर्ट्स, ग्रैंड वुड्स)

-पैब्बल्स प्रोलीज प्रा.लि. (सेक्टर-107 स्थित हर्टबीट सिटी)

-यूनिटेक लि. (सेक्टर- 144 स्थित प्रोजेक्ट के लिए)

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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