Top

हाई अलर्ट : नेपाल ने दी बाढ़ की चेतावनी, खाली कराए जा रहे कई गांव

By

Published on 27 July 2016 9:35 AM GMT

हाई अलर्ट : नेपाल ने दी बाढ़ की चेतावनी, खाली कराए जा रहे कई गांव
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बहराइच: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में दो दिन से हो रही मूसलाधार वर्षा से सरयू और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नेपाल ने पानी छोड़ने की चेतावनी दी है। ऐसे में नेपाल का पानी आने से बलहा और शिवपुर के 34 गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। इन गांवों के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे हड़कंप मचा हुआ है।

अगले 24 घंटे भारतीय क्षेत्र के लिए भारी

नेपाल का पानी हर साल बहराइच जिले में बर्बादी का सबब बनता है। तराई के साथ नेपाल के पहाड़ी इलाकों में दो दिनों से वर्षा हो रही है। इससे नेपाल से भारतीय क्षेत्र में आने वाले सरयू, कौड़ियाला, भादा और गेरुआ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गेरुआ और कौड़ियाला नदियां मिलकर घाघरा का स्वरूप लेती हैं। वहीं भादा सरयू के रूप में भारतीय क्षेत्र में बहती है। नानपारा में स्थित 'अर्ली वार्निंग नेटवर्क संयंत्र' ने आगामी 24 घंटे में भारतीय क्षेत्र में बाढ़ की चेतावनी दी है।

ये भी पढ़ें ...BSP में हो सकते हैं नंबर दो के नेता, 6 साल में करोड़पति से बने अरबपति

नेपाल छोड़ सकता है पांच लाख क्यूसेक पानी

इस मामले में सिस्टम कार्यालय में तैनात जिला समायोजक अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की गई है। वहां से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे सरयू नदी का जलस्तर देर रात तक और तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में शिवपुर विकास खंड के 24 और बलहा ब्लॉक के 10 गांव बाढ़ की जद में आ जाएंगे।

ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी

कार्यालय के कर्मचारियों को गांवों में ग्रामीणों को अलर्ट करने के लिए भेजा गया है। नेपाल से छोड़ा गया पानी जब गोपिया बैराज पर पहुंचेगा। उसके पहले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर निकलना होगा, जिससे लोगों को जन, धन की हानि से बचाया जा सके।

ये भी पढ़ें ...दो और BSP विधायकों का अारोप- माया टिकट के लिए ले रहीं 2 से 10 करोड़

साल 2014 में कई गांव बाह गए थे

नेपाल से छोड़ा गया पानी कितनी तबाही मचाता है, यह नानपारा तहसील क्षेत्र के लोग साल 2014 में देख चुके हैं। पानी इतनी तेजी से भारतीय क्षेत्र में आया कि कईयों गांव बह गए थे। 13 से अधिक मौतें हुई थीं। नहरें टूट गई थी। लोगों के घर जमींदोज हो गए थे। 250 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे। बलहा, शिवपुर के साथ ही मिहींपुरवा विकास खंड भी बाढ़ की जद में रहा। जिसके चलते सप्ताह भर हेलीकाप्टर से राहत बचाव कार्य किया गया था।

संकट से निपटने की तैयारियां पूरी

नेपाल ने पानी छोड़ने की चेतावनी दी है। ऐसे में बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्याप्त नावें, लाइफ जैकेट, मोटरबोट की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही सरयू और घाघरा नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को अलर्ट किया गया है। गोपिया बैराज के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

ये भी पढ़ें ...झारखंड में पूजा करते दिखे दयाशंकर, माया ने कहा- बचा रही है BJP

नेपाल के 150 गांवों में भी अलर्ट

नानपारा अर्ली वार्निंग सिस्टम केंद्र के प्रभारी व जिला समायोजक अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि नेपाल में भी भारतीय सीमा से सटे 150 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

bahraich-1

bahraich-5

bahraich-2

bahraich-3

Next Story