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Hamirpur News: यमुना और बेतवा नदियों ने दिखाया रौद्र रूप, हमीरपुर में हाई अलर्ट जारी
Hamirpur News: बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में हाई एलर्ट घोषित कर दिया है, और लोगो को सुरक्षित स्थानों में पहुचने की चेतावनी दी हैं।
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Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना और बेतवा नदियों ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। अब तक दो दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं और जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
गांवों में घुसा पानी, लोग कर रहे पलायन
जिले के कई इलाकों में नदियों का पानी घुस चुका है। जिला मुख्यालय के निचले हिस्सों में लोगों के घरों में पानी भर गया है। लोग घरेलू सामान समेटकर ऊँचाई वाले स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जहां नावों का सहारा लिया जा रहा है।
बांधों से छोड़ा गया लाखों क्यूसिक पानी
मध्य प्रदेश के कोटा बैराज से चंबल नदी में 0.19 लाख क्यूसिक और माताटीला डैम से बेतवा नदी में 3.10 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इस जलप्रवाह के चलते यमुना और बेतवा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आमतौर पर ऐसी स्थिति सितंबर महीने में बनती है, लेकिन इस बार जुलाई-अगस्त में ही यह भयावह मंजर देखने को मिल रहा है।
बुंदेलखंड की जीवनदायिनी नदियां बनीं संकट का कारण
यमुना और बेतवा नदियां बुंदेलखंड की प्यास बुझाने वाली जीवनदायिनी मानी जाती हैं, लेकिन इस समय यही नदियां विनाश का कारण बनती दिख रही हैं। खेतों की खड़ी फसलें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं और पानी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन ने संभाली कमान, पीएसी तैनात
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्वयं नदियों के किनारे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिले में 183 गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है। बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं, पीएसी की टीमों को तैनात कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। गांव में कई घरों में पानी घुस चुका है। जानवरों को लेकर ऊँचाई की ओर जा रहे हैं, डर लग रहा है कि अगर बारिश ऐसे ही होती रही तो हालात और बिगड़ सकते हैं।""40 सालों में ऐसी बारिश पहली बार देखी है। खेत में खड़ी फसल सब खत्म हो गई। सरकार को चाहिए कि जल्दी से मदद भेजे।"
"प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।"हमीरपुर में बाढ़ की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के इस प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकराल हो सकती है।


