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Hapur News: सावधानी ही सुरक्षा: बारिश में सड़कें नहीं, मौत के जाल होंगे गड्ढे और खुले नाले!
Hapur News: ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव तय है और इससे न केवल नाले बल्कि सड़क के गड्ढे और खुले मेनहोल भी अदृश्य हो जाएंगे।
सावधानी ही सुरक्षा: बारिश में सड़कें नहीं, मौत के जाल होंगे गड्ढे और खुले नाले!(Photo- Newstrack)
Hapur News: मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन नगर प्रशासन की तैयारी अधूरी और लापरवाही से भरी है। शहर के अधिकतर नाले सिल्ट, कचरे और जमी हुई गंदगी से अटे पड़े हैं। वर्षों से सफाई न होने के कारण कई नालों में घास-पौधे उग आए हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव तय है और इससे न केवल नाले बल्कि सड़क के गड्ढे और खुले मेनहोल भी अदृश्य हो जाएंगे। इसका सीधा खतरा राहगीरों और वाहन चालकों की जान पर मंडराने लगेगा।
खुले नाले और गड्ढे बन सकते हैं जानलेवा
शहर की कई कॉलोनियों में सड़कों के किनारे नाले न तो ढंके हैं और न ही किसी तरह की दीवार या सुरक्षा घेरा मौजूद है। हल्की सी चूक किसी को सीधे नाले में धकेल सकती है। यही हाल खुले पड़े मेनहोल और सड़कों के गहरे गड्ढों का भी है, जो बारिश के पानी में छिप जाते हैं। गत वर्ष गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा और धौलाना में कई मासूम बच्चे खुले नालों में गिर गए थे। गढ़मुक्तेश्वर में तो एक बच्चे का शव आज तक बरामद नहीं हो पाया।
क्या है समाधान? नागरिक खुद बनें सजग
नगर निकायों और जिम्मेदार अफसरों से किसी सुधार की उम्मीद अब व्यर्थ लगती है। ऐसे में नागरिकों को ही अपने रास्तों की पहचान करनी होगी और खुद सुरक्षित आवागमन के उपाय करने होंगे:
सावधानी के सुझाव:
• नालों के किनारे बांस या बल्लियाँ लगाकर निशानदेही करें।
• खुले मेनहोल या गड्ढों पर चेतावनी बोर्ड लगवाएं।
• स्थानीय लोगों के सहयोग से नालों के पास पौधारोपण करें, ताकि स्थान की पहचान बनी रहे।
• पुलिया, टूटी सड़कों और खुले ढांचों की खुद जानकारी रखें व आस-पास के लोगों को भी सतर्क करें।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कों के समांतर नाले खुले हैं और कुछ जगहों पर गड्ढे व मेनहोल भी नजर आ रहे हैं। इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही, जलभराव की स्थिति में चेतावनी बोर्ड लगाने और जल प्रवाह की सफाई कराने की व्यवस्था की जा रही है।


