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Lakhimpur Kheri News: किसानों के खेतों में पहुंचा शारदा नदी की बाढ़ का पानी
Lakhimpur Kheri News: नदी किनारे स्थित ग्रामीणों के खेतों में शारदा नदी की बाढ़ का पानी जा पहुंचा,जिससे किसान खेत में खड़ी फसल के प्रति चिंतित नजर आए।
किसानों के खेतों में पहुंचा शारदा नदी की बाढ़ का पानी (photo: social media )
Lakhimpur Kheri News: गुरुवार की सुबह शारदा नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रहीं थीं, लेकिन शाम को नदी के जलस्तर में गिरावट देखी गई और वह 36 सेंटीमीटर पर आ पहुंचीं थीं। गुरुवार की शाम से नदी के जलस्तर में शुरू हुई गिरावट शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार की शाम शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ पहुंचा जिससे बाढ़ का खतरा टलता हुआ दिखाई दिया। वहीं नदी किनारे स्थित ग्रामीणों के खेतों में शारदा नदी की बाढ़ का पानी जा पहुंचा जिससे किसान खेत में खड़ी फसल के प्रति चिंतित नजर आए।
वर्ष 2008 से शारदा नदी की बाढ़ का सिलसिला क्षेत्र में शुरू हुआ जो लगातार साल दर साल जारी रहा। हर साल शारदा और सुहेली नदी की बाढ़ से ग्रामीणों और किसानों को खासा नुकसान होता चला आ रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही शारदा नदी की बाढ़ के पानी ने अतरिया रेलवे क्रासिंग से कुछ आगे रेलवे लाइन को अपना निशाना बनाया था। रेलवे लाइन के एक ओर से दूसरी ओर शारदा नदी की बाढ़ का पानी रिसने लगा था जिससे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था जो आज भी बंद पड़ा हुआ है।
प्रशासन के अनुरोध पर गुरुद्वारा महंगापुर के संत बाबा गुरनाम सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में सेवादारों ने कई दिनों तक श्रमदान कर ट्रैक की मरम्मत कर बाढ़ के पानी का रिसाव रोकने में कामयाबी हासिल कर ली थी। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से एक बार फिर शारदा नदी उफान पर आ गईं और खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं थीं।
गुरुवार की सुबह शारदा नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रहीं थीं, लेकिन शाम को नदी के जलस्तर में गिरावट देखी गई और वह 36 सेंटीमीटर पर आ पहुंचीं थीं। गुरुवार की शाम से नदी के जलस्तर में शुरू हुई गिरावट शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार की शाम शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ पहुंचा जिससे बाढ़ का खतरा टलता हुआ दिखाई दिया। वहीं नदी किनारे स्थित ग्रामीणों के खेतों में शारदा नदी की बाढ़ का पानी जा पहुंचा जिससे किसान खेत में खड़ी फसल के प्रति चिंतित नजर आए। उधर नदी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाक्स
नदी शारदा उफनाईं किसानों की फसलें डूबीं
नौगवां से मिले इनपुट के अनुसार ग्राम पंचायत कुंवरपुर कलां खैरा गोन्हा के किसानों के खेतों में शारदा नदी का पानी भरने से गन्ने व धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसान सालिकराम ने बताया कि वह हर साल नदी की तबाही झेल रहे हैं। कहा कि जब फसल पैदा नहीं होगी तो पेट कैसे चलेगा। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू खर्च फसल उगाने के लिया डीजल, बीज, खाद बिजली का बिल और बैंकों से लिया गया कर्ज समय से नहीं भर पाते हैं।


