Lucknow News : चलती मेट्रो में बच्चों के आधार कार्ड बनाकर लखनऊ बना देश का पहला शहर

Lucknow News : चलती मेट्रो में बच्चों के आधार कार्ड बनाकर लखनऊ ने बाल दिवस पर इतिहास रचा, देश में पहली बार मेट्रो में आधार एनरोलमेंट की सुविधा शुरू।

Ashutosh Tripathi
Published on: 14 Nov 2025 1:48 PM IST
Lucknow News : चलती मेट्रो में बच्चों के आधार कार्ड बनाकर लखनऊ बना देश का पहला शहर
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 Lucknow News ( Image - Credit- Newstrack )

Lucknow News : बाल दिवस के अवसर पर लखनऊ मेट्रो ने बच्चों को एक अनोखा और यादगार तोहफा दिया। शुक्रवार को यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शहर में पहली बार चलती मेट्रो ट्रेन के अंदर छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनाए। इस अनूठी पहल के साथ लखनऊ देश का पहला शहर बन गया, जहां सफ़र के दौरान ही आधार कार्ड बनाने की सुविधा दी गई।


बाल दिवस पर आयोजित इस विशेष अभियान में कई स्कूलों के बच्चों को मेट्रो में फ्री राइड कराई गई। जैसे ही ट्रेन आइटी डिपो से अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई, कोच के एक हिस्से को आधार एनरोलमेंट सेंटर के रूप में तैयार कर दिया गया। प्रशिक्षित कर्मचारियों ने चलती ट्रेन में ही बच्चों की फिंगरप्रिंट स्कैनिंग, फोटो कैप्चर और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की। इससे बच्चों को न केवल तकनीक और सिस्टम के बारे में जानने का मौका मिला, बल्कि उनकी यात्रा भी रोमांचक बन गई।


अभियान का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना और आधार जैसी महत्वपूर्ण पहचान प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाना था। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिससे लोगों को सरकारी सेवाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ मेट्रो में यात्रा के अनुभव को भी बेहतर बनाया जा रहा है। बाल दिवस पर हुई इस मुहीम ने न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई, बल्कि लखनऊ मेट्रो को देश में एक नई मिसाल पेश करने का मौका भी दिया।

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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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