Meerut News: मेरठ में फर्जी मार्कशीट का बड़ा खेल बेनकाब, 15 हजार में मिलता था मनचाहा रिजल्ट, तीन आरोपी गिरफ्तार

Meerut News: मेरठ में एसटीएफ ने फर्जी मार्कशीट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। हाईस्कूल और इंटर की मनचाही मार्कशीट ₹15,000 में बनवाने वाले गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

Sushil Kumar
Published on: 12 Aug 2025 2:44 PM IST (Updated on: 12 Aug 2025 2:55 PM IST)
Meerut News: मेरठ में फर्जी मार्कशीट का बड़ा खेल बेनकाब, 15 हजार में मिलता था मनचाहा रिजल्ट, तीन आरोपी गिरफ्तार
X

Meerut News

Meerut News: बिना पढ़ाई किए, बिना परीक्षा दिए—बस कुछ हजार रुपये देकर हाईस्कूल या इंटर की मार्कशीट में मनचाहे नंबर…! देने वाले गैंग का उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना समेत तीन लोग दबोचे गए, जिनका कारोबार हजारों छात्रों को ‘फर्जी टॉपर’ बनाने का था। बरामदगी में कंप्यूटर, प्रिंटर, ढेरों फर्जी मार्कशीटें, डिग्रियां, कई स्कूलों की मोहरें और यहां तक कि बैक डेट के तैयार प्रमाण पत्र मिले हैं।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि गंगानगर इलाके के मंगो एफ-230 में यह धंधा जोर-शोर से चल रहा है। टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों जितेंद्र , शिव कुमार और निखिल तोमर को गिरफ्तार किया है । इनके पास से एक कंप्यूटर सीपीयू, प्रिंटर, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, विभिन्न स्कूलों की 10 मोहरें, स्टांप पैड, फर्जी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट मार्कशीटें, डिग्रियां, प्रमाण पत्र, एक कार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

प्रवक्ता के मुताबिक, आरोपियों का तरीका फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था। जिन छात्रों के नंबर कम आते थे, वे इस गिरोह से संपर्क करते थे। गिरोह असली मार्कशीट की स्कैन कॉपी सिस्टम में अपलोड कर फर्जी तरीके से अंक बढ़ाकर नई मार्कशीट तैयार कर देता था। इसके एवज में छात्रों से 10 से 15 हजार रुपये वसूले जाते थे। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर वे फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) और बैक डेट में जारी मार्कशीट भी उपलब्ध कराते थे।

सूचना मिलने पर एसटीएफ मेरठ की टीम ने थाना गंगानगर क्षेत्र के मंगो एफ-230, गंगानगर में छापा मारकर तीनों को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ थाना गंगानगर में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ यह भी खंगाल रही है कि इस रैकेट से कितने ‘फर्जी टॉपर’ निकल चुके हैं।

1 / 9
Your Score0/ 9
Sushil Kumar
ABOUT THE AUTHOR

Sushil Kumar

Next Story