CM की तारीफ करने वाली 'पूजा पाल' मारेंगी 'यू-टर्न', बसपा करेंगी वापसी? प्रयागराज में लगे होर्डिंग ने बढ़ाई अटकलें

Pooja Pal hoarding Prayagraj: प्रयागराज में लगे नीले होर्डिंग से पूजा पाल की बसपा में वापसी की अटकलें तेज, सपा से निष्कासन और भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर बढ़ी हलचल।

Harsh Srivastava
Published on: 24 Aug 2025 2:41 PM IST
CM की तारीफ करने वाली पूजा पाल मारेंगी यू-टर्न, बसपा करेंगी वापसी? प्रयागराज में लगे होर्डिंग ने बढ़ाई अटकलें
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Pooja Pal hoarding Prayagraj: अपने पति राजू पाल की हत्या के बाद 'न्याय' के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक रूप से तारीफ कर यूपी की राजनीति में भूचाल लाने वाली विधायक पूजा पाल ने अब सबको चौंका दिया है। समाजवादी पार्टी से निष्कासित होने के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें जोरों पर थीं, लेकिन प्रयागराज में लगे एक नीले रंग के होर्डिंग ने नई बहस छेड़ दी है। दधिकांदो मेले से जुड़ा यह होर्डिंग देखकर राजनीतिक विश्लेषक अब यह कयास लगा रहे हैं कि कहीं पूजा पाल का अगला ठिकाम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) तो नहीं है, जिसकी राजनीति का रंग नीला है?

सपा से रिश्ता टूटा: क्रॉस वोटिंग से शुरू हुई कहानी

पूजा पाल का सियासी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह 2007 से 2012 तक बसपा की विधायक रह चुकी हैं। 2019 में समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद, उन्होंने 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि, राज्यसभा चुनाव में उनकी क्रॉस वोटिंग ने सपा से उनके रिश्तों में खटास पैदा कर दी। इसके बाद जब उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सीएम योगी की तारीफ की, तो सपा ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस निष्कासन के बाद पूजा पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर कई तीखे सवाल पूछे और यहां तक कह दिया कि अगर उनकी हत्या होती है, तो इसके असली दोषी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ही होंगे।

यूपी की राजनीति में एक 'हथियार'

पूजा पाल की इस घटना को लेकर भाजपा नेताओं ने भी उनके समर्थन में बयान दिए, जिससे उनके भाजपा में जाने की अटकलें और तेज हो गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूजा पाल समाजवादी पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे की काट के रूप में भाजपा के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकती हैं, खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले। लेकिन अब प्रयागराज में नीले रंग के होर्डिंग के लगने से यह कयासबाजी भी तेज हो गई है कि वह अपनी पुरानी पार्टी बसपा में वापस जा सकती हैं, जहां से उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।

पूजा पाल का अगला कदम क्या होगा?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूजा पाल को लेकर कयासों का बाजार गर्म है, लेकिन उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपने अगले कदम के बारे में कुछ भी नहीं कहा है। उनके समर्थक और विरोधी, दोनों ही उनके अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं। क्या वह भाजपा में शामिल होकर मंत्री बनेंगी, या बसपा में वापस जाकर अपनी पुरानी जड़ों से जुड़ेंगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, यह घटना दिखाती है कि कैसे यूपी की राजनीति में एक विधायक का कदम पूरी सियासी तस्वीर को बदल सकता है और हर तरफ हलचल मचा सकता है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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