प्राकृतिक आपदा नहीं, मानवीय परीक्षा है यह, प्रश्नन चौधरी ने बाढ़ राहत में एकजुटता की अपील

Shamli News: उत्तर भारत में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, राष्ट्रीय लोकदल ने एक महीने की सैलरी बाढ़ पीड़ितों को दान करने की घोषणा की।

Pankaj Prajapati
Published on: 4 Sept 2025 6:49 PM IST
प्राकृतिक आपदा नहीं, मानवीय परीक्षा है यह,  प्रश्नन चौधरी ने बाढ़ राहत में एकजुटता की अपील
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Shamli News: उत्तर भारत में इस समय प्रकृति का कहर टूटा हुआ है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। वहीं पंजाब में हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ और बारिश ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। कई जगहों पर घर उजड़ गए हैं, परिवार बिछुड़ गए हैं और हजारों लोग अपने ही घर से बेघर हो गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।

दरअसल आपको बता दे मामला जनपद शामली का है जहां पर सदर विधायक द्वारा बताया गया है कि ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय लोकदल ने एक बड़ा और मानवीय फैसला लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने सभी विधायकों और सांसदों को निर्देशित किया है कि वे न सिर्फ पीड़ितों की मदद करें, बल्कि उनके बीच जाकर उनका हाल भी जानें। राष्ट्रीय लोकदल के नौ विधायक उत्तर प्रदेश से, एक विधायक राजस्थान से, एक एमएलसी और दो सांसद — जिनमें स्वयं जयंत चौधरी राज्यसभा सदस्य हैं — सभी ने एक स्वर में घोषणा की है कि वे अपनी एक महीने की सैलरी बाढ़ पीड़ितों को दान करेंगे।

सदर विधायक प्रश्नन चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक मानवीय परीक्षा है। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही प्रदेश है जहां से देशभक्त भगत सिंह, लाला लाजपत राय और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसे महान व्यक्तित्व आए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी देश पर कोई विपत्ति आई है, पंजाब और इसके नागरिकों ने बलिदान देने में कभी पीछे नहीं हटे। चौधरी ने कहा कि आज जब हमारे किसान, मजदूर और आम नागरिक बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं, तो हमारा धर्म बनता है कि हम उनकी हर संभव मदद करें। उन्होंने देश के अन्य नेताओं और नागरिकों से भी अपील की कि वे आगे बढ़कर राहत कार्यों में सहयोग करें। यह पहल न सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय है, बल्कि एक इंसानियत भरा संदेश भी है कि जब देश संकट में हो, तो हम सभी को एकजुट होकर साथ खड़ा होना चाहिए।

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