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उत्तर प्रदेश में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता में आई कमी, इस वर्ष पहले दो महीने में 3,233 ट्रांसफार्मर हुए कम क्षतिग्रस्त
UP Electricity Department: उत्तर प्रदेश में 100 केवीए और ऊपर के वितरण ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता में कारपोरेशन ने कमी करने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2022-23 में अप्रैल और मई के दो महीनों में प्रदेश में 7,322 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे।
UP Electricity Department (Photo: Social Media)
UP Electricity Department: उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता रोकने का प्रयास कर रहा है। इसमें 100 केवीए और ऊपर के वितरण ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता में कारपोरेशन ने कमी करने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2022-23 में अप्रैल और मई के दो महीनों में प्रदेश में 7,322 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। वहीं 2025-26 में मात्र 2,613 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जो कि 2022-23 की तुलना में 31 प्रतिशत के आस-पास कम है।
ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता में कमी
इसी तरह से 100 केवीए से नीचे के ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता में जबरदस्त कमी आयी है। 2022-23 में 34,350 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुये थे। वही इस वर्ष अप्रैल-मई में 31,580 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए है। पिछले वर्ष 24-25 में 33,595 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुये थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 2015 ट्रांसफार्मर कम क्षतिग्रस्त हुए है। इस तरह पावर ट्रांसफार्मर 100 केवीए से ऊपर एवं नीचे के ट्रांसफार्मर पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मात्र दो महीने अप्रैल-मई में 3,233 ट्रांसफार्मर कम क्षतिग्रस्त हुये।
100 केवीए के वितरण ट्रांसफार्मर
इस तरह 2022-23 से लेकर चालू वर्ष के अप्रैल-मई के चार वर्षों में पावर ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता में क्रमशः 87 प्रतिशत, 80 प्रतिशत तथा 71 प्रतिशत कमी आयी है। जबकि 100 केवीए और ऊपर के वितरण ट्रांसफार्मर वर्षाें के अप्रैल मई में 64 प्रतिशत और 47 प्रतिशत एवं 31 प्रतिशत कम ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए है। वहीं वर्ष 2022-23 में पावर ट्रांसफार्मर अप्रैल और मई के दो महीनों में 90 क्षतिग्रस्त हुये थे। वर्ष 23-24 में भी 61 और वर्ष 24-25 में 42 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुये थे। वहीं 25-26 के अप्रैल-मई में 12 डैमेज हुए है।
यूपी पावर कारपोरेशन अध्यक्ष बोले
इस तरह विगत चार वर्षों में लगातार पावर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता में जोरदार कमी आई है। इससे पावर कारपोरेशन के करोड़ों रूपये बचे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के कई क्षेत्रों को सुचारू विद्युत आपूर्ति मिलना संभव हो पाया है। गर्मी एवं बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति में रूकावटों के कारणों में ट्रांसफार्मर फुंकना और क्षतिग्रस्त होना आम बात थी। लेकिन यूपी पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल के विगत दो वर्षों से ट्रांसफार्मर न फुंके, उनका बेहतर अनुरक्षण करने पर कार्य किया, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग करते रहे है। उसके परिणाम स्वरूप कम ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता हुई।


