चार ननद की एक भौजाई’ — पारिवारिक भावनाओं से जुड़ा अनुभव: अभिनेत्री काजल यादव का विशेष इंटरव्यू

Varanasi News: इस फिल्म में ‘सुधा’ की मुख्य भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री काजल यादव ने इस खास इंटरव्यू में अपने अभिनय अनुभव, किरदार की तैयारी और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की।

Ajit Kumar Pandey
Published on: 6 Aug 2025 3:58 PM IST
चार ननद की एक भौजाई’ — पारिवारिक भावनाओं से जुड़ा अनुभव: अभिनेत्री काजल यादव का विशेष इंटरव्यू
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Char Nanad Ki Ek Bhaujai, Bhojpuri film 2025

Varanasi News: भोजपुरी की बहुप्रतीक्षित ओरिजिनल फिल्म ‘चार ननद की एक भौजाई’ रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर रिलीज़ हो रही है। इस फिल्म में ‘सुधा’ की मुख्य भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री काजल यादव ने इस खास इंटरव्यू में अपने अभिनय अनुभव, किरदार की तैयारी और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की।

फिल्म ‘चार ननद की एक भौजाई’ का हिस्सा बनने का अनुभव आपके लिए कैसा रहा?

काजल यादव: यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास और भावनात्मक रहा। ‘फीलमची भोजपुरी’ के साथ यह मेरी पहली फिल्म है और मैं गर्व महसूस करती हूं कि मुझे इतने सुंदर पारिवारिक विषय पर काम करने का अवसर मिला। यह फिल्म मेरे करियर का एक यादगार मोड़ बन गई है।

रिश्तों और भावनाओं पर आधारित इस कहानी से जुड़ना आपके लिए कितना महत्वपूर्ण रहा?

काजल यादव: इस फिल्म की कहानी रिश्तों की अहमियत, प्यार, संघर्ष और भावनाओं से भरपूर है। एक ऐसी फिल्म का हिस्सा बनना, जो दर्शकों के दिलों को छू जाए — हर कलाकार का सपना होता है। मुझे खुशी है कि मैं ‘सुधा’ जैसे किरदार को निभा पाई।

‘सुधा’ का किरदार आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

काजल यादव: सुधा एक भावनात्मक लेकिन मजबूत महिला का प्रतीक है। हर सीन एक इमोशनल रोलरकोस्टर की तरह था। इस किरदार को सच्चाई से निभाना मेरे लिए न सिर्फ चुनौतीपूर्ण था, बल्कि एक कलाकार के तौर पर सीखने का बेहतरीन मौका भी था।

क्या आपने इस किरदार के लिए विशेष तैयारी की थी?

काजल यादव: जी हां। मैंने यूट्यूब पर उन महिलाओं की कहानियां देखीं जिनका रंग सांवला है और जो समाज में अपने संघर्ष से पहचान बना रही हैं। उनकी जर्नी ने मुझे ‘सुधा’ के किरदार को समझने और महसूस करने में गहरी मदद की।

निर्देशक रजनीश मिश्रा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

काजल यादव: रजनीश सर के साथ काम करना एक सपने के जैसा था। उन्होंने हर सीन को गहराई से समझाया और हमें अपने किरदारों में ढलने में पूरी मदद की। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे उनके निर्देशन में काम करने का मौका मिला।

रक्षाबंधन पर इस फिल्म की रिलीज़ को आप कितना खास मानती हैं?

काजल यादव: यह फिल्म भाई-बहन के रिश्ते की मिठास, त्याग और प्यार को खूबसूरती से दर्शाती है। रक्षाबंधन से बेहतर दिन इस फिल्म की रिलीज के लिए हो ही नहीं सकता था। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावना है जिसे हर कोई अपने दिल में महसूस करेगा।

फिल्म में महिला सशक्तिकरण की झलक है। यह आपके लिए कितना संतोषजनक रहा?

काजल यादव: यह किरदार मेरे दिल के बेहद करीब है। सुधा का संघर्ष, उसकी दृढ़ता और संवेदनाएं हर दर्शक को छू जाएंगी। एक महिला के रूप में, मुझे इस किरदार को निभाकर गर्व महसूस हुआ।

क्या आप मानती हैं कि यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा में बदलाव की ओर एक कदम है?

काजल यादव: बिल्कुल। ‘चार ननद की एक भौजाई’ पारिवारिक मूल्यों को नई दृष्टि से प्रस्तुत करती है। भोजपुरी सिनेमा अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानियों की ओर बढ़ रहा है। यह फिल्म उसी दिशा में एक अहम पहल है।

अपने दर्शकों से क्या कहना चाहेंगी जो इस फिल्म को रक्षाबंधन पर देखने जा रहे हैं?

काजल यादव: मैं सभी दर्शकों से आग्रह करूंगी कि वे यह फिल्म पूरे परिवार के साथ देखें। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो रिश्तों को और गहरा बनाएगा, भावनाओं से जोड़ेगा और परिवार में प्यार को बढ़ाएगा।

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Shalini Rai

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