Varanasi News: वाराणसी के डॉ. संजय यादव ने भारतीय आर्थोपेडिक एसोसिएशन के PG कोर्स में दिया योगदान, रेडियोलॉजी और हिप केस पर किया फोकस

Varanasi News: इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से 100 से अधिक डॉक्टरों ने भाग लिया, जिसमें कलकत्ता से आए प्रोफेसर ए.के. पाल का भी विशेष योगदान रहा।

Ajit Kumar Pandey
Published on: 21 July 2025 8:59 PM IST
Varanasi News: वाराणसी के डॉ. संजय यादव ने भारतीय आर्थोपेडिक एसोसिएशन के PG कोर्स में दिया योगदान, रेडियोलॉजी और हिप केस पर किया फोकस
X

वाराणसी के डॉ. संजय यादव ने भारतीय आर्थोपेडिक एसोसिएशन के PG कोर्स में दिया योगदान  (photo: social media )

Varanasi News: भारतीय आर्थोपेडिक एसोसिएशन (Indian Orthopaedic Association) द्वारा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में आयोजित एक प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम में वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के आर्थोपेडिक्स विभाग के प्रतिष्ठित संकाय सदस्य डॉ. संजय यादव ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से 100 से अधिक डॉक्टरों ने भाग लिया, जिसमें कलकत्ता से आए प्रोफेसर ए.के. पाल का भी विशेष योगदान रहा।

डॉ. यादव ने आर्थोपेडिक्स में रेडियोलॉजी को समझने पर एक गहन व्याख्यान दिया। उन्होंने आर्थोपेडिक स्थितियों के सटीक निदान और प्रभावी उपचार योजना तैयार करने में रेडियोलॉजी के महत्व पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित स्नातकोत्तर छात्रों और डॉक्टरों ने खूब सराहा, जिन्होंने इस जानकारी को अपने भविष्य के अभ्यास और परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक और व्यावहारिक पाया।

अपने व्याख्यान के अतिरिक्त, डॉ. यादव ने कूल्हे (hip) से संबंधित मामलों पर केंद्रित कई सत्रों की अध्यक्षता भी की। उन्होंने विभिन्न लघु मामलों पर चर्चा को सुगम बनाया, जिसमें आर्थोपेडिक अभ्यास में आने वाली जटिलताओं और चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। यह संवादात्मक सत्र स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक अमूल्य शिक्षण अनुभव साबित हुआ, जिससे उन्हें विशेषज्ञ मार्गदर्शन में वास्तविक जीवन की चिकित्सीय परिस्थितियों से जुड़ने का अवसर मिला।

अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की

प्रतिभागियों ने साझा किए गए ज्ञान की गहराई और अनुभवी पेशेवरों से सीखने के इस अवसर के लिए अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की। इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी चिकित्सकों के कौशल को निखारना और उन्हें अपने आर्थोपेडिक करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक उपकरण और नवीनतम जानकारी प्रदान करना था।

यह कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा को आगे बढ़ाने और आर्थोपेडिक पेशेवरों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आर्थोपेडिक एसोसिएशन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ऐसे पाठ्यक्रम युवा डॉक्टरों को व्यवहारिक ज्ञान और विशेषज्ञता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






1 / 6
Your Score0/ 6
Monika

Monika

Mail ID - monika.254229@gmail.com

पत्रकारिता के क्षेत्र में मुझे 4 सालों का अनुभव हैं. जिसमें मैंने मनोरंजन, लाइफस्टाइल से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल ख़बरें लिखी. साथ ही साथ वायस ओवर का भी काम किया. मैंने बीए जर्नलिज्म के बाद MJMC किया है

Next Story