Mathura News: गोवर्धन में मानसी गंगा पर ऐतिहासिक राम सेतु लीला का भव्य मंचन

श्री राम, लक्ष्मण और वानर सेना की उपस्थिति में गोवर्धन के मानसी गंगा में दशकों से राम सेतु लीला का अद्भुत मंचन हुआ।

Amit Sharma
Published on: 30 Sept 2025 8:08 PM IST
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Mathura News: कान्हा की नगरी गोवर्धन धाम में राम लीला कमेटी द्वारा मानसी गंगा में ऐतिहासिक राम सेतु लीला का मंचन किया गया। विभिन्न झांकियां भी निकाली गईं। सेतु लीला मानसी गंगा के बंगाली घाट से शुरू हुआ, जो कि मदन मोहन जी घाट पर पहुंचा। जहां भगवान राम और लक्ष्मण के साथ सभी वानर सेना का भव्य तरीके से स्वागत किया गया।विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं श्री धाम गोवर्धन में रामलीला कमेटी द्वारा दशकों से राम सेतु लीला का मंचन कस्बे के मध्य स्थित मानसी गंगा किया जाता है। जिसमें गंगा के सभी घाटों को विधिवत सजावट से सजाया गया।

राम सेतु लीला का मंचन गंगा के बंगाली घाट से पर हुआ। जहां हजारों की संख्या में लोग राम सेतु लीला का दर्शन करने उमड़ पड़े। राम सेतु लीला में भगवान राम ने रामेश्वरम की स्थापना लीला मंचन की। फिर समुंदर रूपी मानसी गंगा में वानरों द्वारा राम सेतु का निर्माण, नावों द्वारा दिव्य लीला का मंचन हुआ। विभिन्न झांकियों के बीच इसका मंचन किया गया। राम सेतु लीला का मंचन देखने आए लोगों के लिए झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा नगर भगवान श्री राम नाव पर सवार होकर राम सेतु के जरिए अपने अनुज भ्राता लक्ष्मण सहित वानरों के साथ गंगा के बंगाली घाट से होते हुए मदन मोहन जी घाट यानी लंका पहुंचे। जहां भगवान राम की सेना सहित राम लीला कमेटी के पदाधिकारियों ने दिव्य आरती कर प्रसाद वितरण किया। इस दौरान श्री राम के जयकारों से गंगा के घाट गुंजायमान हो उठे।


राम सेतु लीला के मंचन के बारे में जानकारी देते हुए,रसिक मुखिया जी ने बताया कि राम लीला का मंचन देश में बहुत जगह बड़े ही आदर भाव के साथ किया जाता है। जिसमें राम सेतु लीला का मंचन भी होता है। लेकिन श्री कृष्ण की नगरी मथुरा के गोवर्धन में राम सेतु लीला का मंचन दशकों से अभूतपूर्व किया जाता है। यहां की रामलीला अद्भुत तरीके से मनाई जाती है।देश के हर कोने से दर्शन के लिए आते हैं श्रद्धालुओ ने बताया कि इस रामलीला में पतित पावनी मानसी गंगा में कमेटी द्वारा नावों के जरिए राम सेतु का निर्माण किया जाता है। जिस पर होकर श्री समुंदर रूपी गंगा को पार कर लंका पहुंचते हैं, जो कि श्री राम युग यानी त्रियेता युग को जिबन्त करता है। जिसे देखने के लिए स्थानीय लोग तो आते ही हैं, लेकिन देश के विभिन्न जगहों से श्रद्धालु इस पावन राम सेतु लीला का दर्शन करने के लिए गोवर्धन पहुंचकर दर्शन का लाभ लेते हैं।

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