इंटरनेशनल रेड में फंसा बिश्नोई गैंग! अमेरिका में छिपा भानु राणा गिरफ्तार, अब 'डिपोर्ट' होकर भारत आएगा?

Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका! हथियार सप्लायर भानु राणा अमेरिका में गिरफ्तार, साथ ही वेंकटेश गर्ग जॉर्जिया में पकड़ा गया। जानें कैसे विदेश से चल रहा था अपराध नेटवर्क और क्यों यह गिरफ्तारी भारत के लिए अहम है।

Harsh Sharma
Published on: 9 Nov 2025 8:39 AM IST (Updated on: 9 Nov 2025 8:39 AM IST)
इंटरनेशनल रेड में फंसा बिश्नोई गैंग! अमेरिका में छिपा भानु राणा गिरफ्तार, अब डिपोर्ट होकर भारत आएगा?
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Lawrence Bishnoi: हरियाणा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है। भारत के दो कुख्यात गैंगस्टर, वेंकटेश गर्ग और भानु राणा, को विदेशी धरती पर गिरफ्तार किया गया है। वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया में पकड़ा गया है, जबकि भानु राणा अमेरिका में हिरासत में है। दोनों अपराधियों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित (Extradite) किया जाएगा और भानु राणा को अमेरिका से डिपोर्ट (Deport) करके भारत भेजा जाएगा।

कौन है वेंकटेश गर्ग?

वेंकटेश गर्ग हरियाणा के नारायणगढ़ का रहने वाला है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और फिरौती जैसे कई गंभीर अपराधों के 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह गुरुग्राम में एक बसपा नेता की हत्या के मामले में भी शामिल रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया और विदेश भाग गया। इसके बाद उसने जॉर्जिया को अपना ठिकाना बना लिया।

जांच एजेंसियों का कहना है कि वेंकटेश गर्ग विदेश से ही भारत में अपने गैंग का संचालन कर रहा था। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे और आलीशान जीवन का लालच देकर अपने गिरोह में शामिल करता था। हाल ही में दिल्ली में हुई फायरिंग की घटना के आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि ये लोग वेंकटेश गर्ग के संपर्क में थे। वह कपिल सांगवान के साथ मिलकर एक्सटॉर्शन (धमकाकर वसूली) का सिंडिकेट चला रहा था।

भानु राणा : हथियारों का नेटवर्क संभालने वाला

भानु राणा हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाला है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और उसका मुख्य काम था हथियार सप्लाई करना। करनाल एसटीएफ ने कुछ समय पहले उसके इशारे पर काम कर रहे दो लोगों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। भानु राणा पहले भी जेल में रह चुका है, लेकिन जेल में बंद होने के बावजूद वह मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिए अपने गैंग को निर्देश देता था। उसका नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ है।

विदेशों में छिपे कई भारतीय गैंगस्टर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस समय दो दर्जन से अधिक बड़े भारतीय गैंगस्टर विदेशों में बैठे हैं और वहीं से भारत में अपने अपराधी नेटवर्क चला रहे हैं। इन अपराधियों में गोल्डी बराड़, कपिल सांगवान, अनमोल बिश्नोई, हैरी बॉक्सर और हिमांशु भाऊ जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी अपराधी कनाडा, अमेरिका, पुर्तगाल, इंग्लैंड और यूएई जैसे देशों में सक्रिय हैं। ये गैंगस्टर विदेशों में रहते हुए ऑनलाइन माध्यमों से अपने लोगों को आदेश देते हैं और भारत में हत्या, फिरौती, वसूली और हथियार सप्लाई जैसे अपराधों को अंजाम दिलवाते हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार ऐसे अपराधियों की लोकेशन और नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने वेंकटेश गर्ग और भानु राणा की गिरफ्तारी को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद कई और गैंग्स की कमर टूटेगी और भारत में चल रहे अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर कड़ा प्रहार होगा।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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