Brazil: रियो में 'खून-खराबा'! सबसे बड़े पुलिस ऑपरेशन में 64 की मौत, ड्रग्स गिरोह ने ड्रोन से किया हमला, UN ने जताई चिंता!

Brazil: ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में बड़े पुलिस ऑपरेशन में 64 लोग मारे गए, ड्रग्स गिरोह ने ड्रोन से हमला किया, UN ने चिंता जताई।

Harsh Sharma
Published on: 29 Oct 2025 9:10 AM IST (Updated on: 29 Oct 2025 9:11 AM IST)
Brazil: रियो में खून-खराबा! सबसे बड़े पुलिस ऑपरेशन में 64 की मौत, ड्रग्स गिरोह ने ड्रोन से किया हमला, UN ने जताई चिंता!
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Brazil: ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में मंगलवार को हुई एक बड़ी पुलिस कार्रवाई में कम से कम 64 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में लगभग 2,500 पुलिसकर्मी और सैनिक शामिल थे। कार्रवाई का लक्ष्य एक मादक पदार्थ तस्करी करने वाले गिरोह पर हमला करना था। इस दौरान हुई गोलीबारी में 60 संदिग्ध मारे गए जबकि चार पुलिस अधिकारी भी शिकार बने। पुलिस ने बताया कि इस छापेमारी में 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रियो की राज्य सरकार ने कहा कि इस अभियान की योजना एक साल से अधिक समय से बनाई जा रही थी। सुरक्षा बलों ने गिरोह के नियंत्रण वाले कई क्षेत्रों को घेर लिया और जब वहां प्रवेश किया तो गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अभियान जारी रहा तो हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।

ड्रोन हमले और यूएन की चेतावनी

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान कम से कम 42 राइफलें और अन्य हथियार भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि गिरोह के सदस्यों ने जवाबी कार्रवाई के लिए पुलिस पर हमला करने हेतु ड्रोन का इस्तेमाल किया। पुलिस पर ड्रोन से हमला करने की घटना उस समय हुई जब अधिकारी फेवेला इलाके में जांच कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि यह ड्रोन पुलिस पर निशाना साधकर उड़ाए गए थे, जिससे कार्रवाई और भी खतरनाक हो गई।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इस कार्रवाई को बेहद गंभीर और डरावना बताया है। उनके अनुसार, रियो डी जेनेरियो के फेवेला में चल रही इस कार्रवाई में कम से कम 60 लोग मारे गए, जिनमें चार पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। यूएन कार्यालय ने सरकार और पुलिस अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत अपने दायित्वों की याद दिलाई है और तुरंत प्रभावी जांच कराने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रियो डी जेनेरियो के फेवेला इलाके में मादक पदार्थ तस्करी और हिंसा लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। यह पुलिस कार्रवाई बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध थी, लेकिन इसमें हुई गोलीबारी और ड्रोन हमले ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया। पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था, वहीं मानवाधिकार संगठन इस कार्रवाई में हुई मौतों और हिंसा को लेकर चिंतित हैं।

सुरक्षा बनाम मानवाधिकार और वैश्विक चिंता

इस ऑपरेशन ने रियो डी जेनेरियो में सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर बहस को भी तेज कर दिया है। पुलिस और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बड़े पैमाने पर इस तरह की छापेमारी आवश्यक है ताकि मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित अपराधियों को निशाना बनाया जा सके। वहीं, नागरिक और मानवाधिकार संगठन यह मांग कर रहे हैं कि मृतकों और गिरफ्तारियों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई कानून के दायरे में ही रही। कुल मिलाकर, रियो डी जेनेरियो में हुई यह पुलिस कार्रवाई हिंसा और ड्रोन हमलों के कारण बहुत ही गंभीर बन गई है। इस घटना ने न केवल ब्राजील बल्कि पूरी दुनिया में अपराध नियंत्रण, मानवाधिकार और पुलिस कार्रवाई की सीमाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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