चीन के 'विक्ट्री डे' परेड में लगा अमेरिका के दुश्मनों का जमावड़ा, दुनिया ने देखा ऐतिहासिक नजारा

बीजिंग में चीन की ऐतिहासिक सैन्य परेड, Xi Jinping ने Putin और Kim Jong Un का किया स्वागत।

Harsh Srivastava
Published on: 3 Sept 2025 8:04 AM IST
चीन के विक्ट्री डे परेड में लगा अमेरिका के दुश्मनों का जमावड़ा, दुनिया ने देखा ऐतिहासिक नजारा
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China Victory Day parade: चीन ने बुधवार को बीजिंग में अपने इतिहास की अब तक की सबसे भव्य और शक्तिशाली सैन्य परेड का आयोजन किया। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित की गई और इसे चीन की वैश्विक ताकत और भविष्य की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन माना जा रहा है। सुबह 9 बजे (भारतीय समय 6:45 बजे) शुरू हुई इस परेड में सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि कई ऐसे विदेशी नेता भी मौजूद थे, जिन्हें आमतौर पर अमेरिका विरोधी माना जाता है।

विदेशी नेताओं की उपस्थिति और अमेरिका को संदेश

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और कई अन्य वैश्विक नेताओं का स्वागत किया। इस परेड में कुल 26 विदेशी नेता शामिल रहे। विशेष रूप से उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की उपस्थिति ने सबको चौंका दिया। वे बख्तरबंद ट्रेन से चीन पहुंचे और 66 साल बाद पहली बार किसी उत्तर कोरियाई नेता ने चीन की सैन्य परेड में हिस्सा लिया। आखिरी बार उनके दादा किम इल सुंग ने 1959 में इसमें भाग लिया था। यह सब अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश माना जा रहा है। पहले ट्रंप ने पुतिन और किम को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी, लेकिन इस परेड ने साफ कर दिया कि चीन अपनी रणनीति में स्वतंत्र और मजबूत है।

PLA का आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने इस परेड में अपनी आधुनिक और हाई-टेक सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। इसमें ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें, फाइटर जेट और अन्य अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। तियानमेन स्क्वायर पर 45 सैनिक टुकड़ियां उतरीं और शी जिनपिंग को सलामी दी। सैकड़ों PLA विमान भी परेड का हिस्सा बने। यह परेड लगभग 70 मिनट तक चली और इसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संबोधन की भी संभावना जताई गई। PLA ने दावा किया कि उनके हाई-प्रोफाइल हथियारों की क्षमता अमेरिकी सेना के बराबर है।

भव्य सजावट और ऐतिहासिक महत्व

बीजिंग का तियानमेन स्क्वायर इस अवसर पर भव्य तरीके से सजाया गया था। यह आयोजन 10 साल पहले की विक्ट्री डे परेड से भी अधिक भव्य था। परेड के दौरान चीन ने न केवल अपनी सैन्य शक्ति दिखाई, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि शी जिनपिंग की साख अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत है।

रणनीतिक संदेश और वैश्विक प्रभाव

इस परेड का सबसे बड़ा संदेश यह था कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। अमेरिका के दबाव और अपीलों के बावजूद चीन ने अपने विरोधी देशों के नेताओं को आमंत्रित किया और उनकी उपस्थिति को अपनी ताकत का प्रतीक बनाया। विशेष रूप से आधुनिक हथियारों के प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि चीन भविष्य में किसी भी सैन्य चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। इस ऐतिहासिक आयोजन ने केवल चीन की सैन्य शक्ति ही नहीं दिखाई, बल्कि यह संकेत भी दिया कि देश की रणनीतिक दिशा अब और स्पष्ट और सशक्त है।

चीन की ताकत और भविष्य की योजना

PLA द्वारा प्रदर्शनित आधुनिक हथियारों और विदेशी नेताओं की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि चीन दुनिया की सत्ताधारी शक्तियों में खुद को शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह परेड न केवल ऐतिहासिक थी, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण थी। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियां इस पर कैसे प्रतिक्रिया देती हैं। फिलहाल, बीजिंग की यह भव्य परेड चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षा और शी जिनपिंग की अंतरराष्ट्रीय रणनीति का जीवंत प्रदर्शन बन गई है।

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Harsh Srivastava

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