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क्या जो बाइडेन के पास बची सिर्फ 2 महीने की जिंदगी? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
Joe Biden: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सेहत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
Joe Biden
Joe Biden: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सेहत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पूर्व राष्ट्रपति को प्रोटेस्ट कैंसर हो गया है। प्रोटेस्ट कैंसर अब उनके शरीर की हडियों तक पहुँच गया है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी खुद जो बाइडेन की ऑफिस की तरफ से दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि जो बाइडेन की डॉक्टरों का कहना है कि उनका ग्लेसन स्कोर 9 है, जो कैंसर की गंभीरता को दर्शाने वाला एक पैमाना है। ग्लोसन स्कोर जितना ज्यादा होगा शरीर में कैंसर होने का खतरा उतना ज्यादा माना जायेगा। बता दें कि सबसे पहले जो बाइडेन को पेशाब से जुड़ी समस्या थी जिसके बाद उन्होंने डॉक्टरों से सलाह ली और बाद में जांच के दौरान उन्हें प्रोटेस्ट कैंसर का पता चला। जो बाइडेन के कैंसर की कोशिकाएं शरीर के बाकी हिस्सों में सबसे ज्यादा हड्डियों में पहुँच चुकी है। जिससे उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।
अमेरिका की राजनीति में हलचल तेज
जो बाइडेन की खराब तबियत की वजह से अमेरिका की राजनीति भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प ने बाइडेन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जाहिर की है। ट्रम्प ने बयान देते हुए यह भी कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जो जल्द स्वस्थ हों और उन्हें लंबा जीवन मिले। इसके अलावा ट्रम्प के करीबी कहे जाने वाले लॉरा लूमर ने बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाइडेन की तबीयत पिछले जुलाई से ही खराब थी, लेकिन डेमोक्रेट पार्टी ने इसे छिपाकर रखा। उन्होंने यहां तक कहा कि जो बाइडेन की हालत इतनी गंभीर है कि वह दो महीने से ज्यादा नहीं जी पाएंगे। उनके इस बयान से हलचल काफी तेज हो गई है।
चुनाव हार गए जो बाइडन
इस बार अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव जो बाइडेन हार गए थे। इस चुनाव में डेमोक्रेट्स पार्टी की तरफ से कमला हैरिस को मैदान में उतारा गया था। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प के आगे वो टिक नहीं पाई और चुनाव हार गई। ट्रम्प ने कई बार बाइडेन की सेहत को लेकर सवाल भी उठाये। उन्होंने कहा कि बाइडेन की उम्र और बिगड़ती सेहत उनकी निर्णय लेने की क्षमता पर असर डाल रही है। अब जब बाइडेन की बीमारी की पुष्टि हो चुकी है, तो न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि आम जनता के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है।


