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इजरायल ने भारत से कर दी बड़ी डिमांड! अब क्या करेगी मोदी सरकार, सामने है बड़ी चुनौती
India-Israel relations: इजरायल ने भारत से अपील की है कि वह हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करे। मोदी सरकार के सामने अब बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। भारत के हमास से कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं, लेकिन सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत का रुख महत्वपूर्ण है।
India-Israel relations: इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच इजरायली सेना (IDF) ने भारत से एक बड़ी और औपचारिक मांग की है। आईडीएफ ने भारत से अपील की है कि वह हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करे। इजरायल का कहना है कि भारत और इजरायल का दुश्मन एक ही है, और इस मुद्दे पर एक साफ़ बयान आना ज़रूरी है। हमास गाजा पट्टी में शासन चलाता है। यह एक सशस्त्र संगठन है, जिसका उद्देश्य फ़िलिस्तीनी राज्य की स्थापना और इजरायल का ख़ात्मा है। भारत ने अभी तक हमास को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित नहीं किया है, हालांकि भारत के हमास से कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं।
IDF के प्रवक्ता ने की खुली अपील
'द प्रिंट' की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ के इंटरनेशनल स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशनी ने इस संबंध में खुलकर बात की। हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के सवाल पर कर्नल शोशनी ने कहा, “अगर भारत ऐसा करता है तो यह अच्छी बात होगी। भारत और इजरायल का दुश्मन एक जैसा है। यह अच्छा होगा कि हम किसका सामना कर रहे हैं, इस बारे में एक साफ़ बयान हो।” यह अपील ऐसे समय में आई है जब इजरायल अक्टूबर 2023 के हमले के बाद से हमास के खिलाफ व्यापक युद्ध छेड़े हुए है। हमास को कई मुस्लिम देशों, जिनमें ईरान, तुर्की, मिस्र और कतर प्रमुख हैं, का समर्थन प्राप्त है।
भारत का रुख: द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन
भारत शुरू से ही इजरायल-फ़िलिस्तीन संघर्ष के द्वि-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करता रहा है।
मदद का रास्ता: भारत हर साल फ़िलिस्तीनी लोगों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में मदद देता है, लेकिन यह मदद कभी भी हमास के हाथों में नहीं सौंपी जाती। भारत इसके लिए या तो वेस्ट बैंक के फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी या फिर अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के ज़रिए मदद को फ़िलिस्तीनी लोगों तक पहुंचाता है।
हमास के आतंकवाद के खिलाफ रहा है भारत
भले ही भारत ने हमास को औपचारिक रूप से आतंकी संगठन घोषित नहीं किया है, लेकिन वह शुरू से ही हमास के आतंकवादी कृत्यों का कड़ा विरोध करता रहा है। जब अक्टूबर 2023 का हमला हुआ, तब भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल था, जिसने सबसे पहले इस हमले की कड़ी निंदा की। इतना ही नहीं, भारत ने इजरायल के साथ सहानुभूति जताई थी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समर्थन देने का ऐलान किया था। भारत ने हमास के हर उस बर्बर हमलों की निंदा की है, जिसमें आम इजरायली नागरिकों की मौत हुई है।


