ईरान खेलेगा खून की होली! गैंगस्टरों के हाथों में दी दुश्मनों की लिस्ट, यूरोप में शूटर्स तैनात

Iran gang war: ईरान अब अपनी दुश्मनी निकालने के लिए बंदूकधारियों की ऐसी फौज तैयार कर रहा है, जिनके पास न तो कोई वर्दी है और न ही कोई झंडा। ये हत्यारे हैं यूरोप के कुख्यात गैंग्स के, जिनके हाथों में अब ईरान ने अपने दुश्मनों के नामों की लिस्ट थमा दी है।

Harsh Srivastava
Published on: 21 Jun 2025 1:31 PM IST (Updated on: 21 Jun 2025 4:06 PM IST)
ईरान खेलेगा खून की होली! गैंगस्टरों के हाथों में दी दुश्मनों की लिस्ट, यूरोप में शूटर्स तैनात
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Iran gang war: अब तक आपने गैंगवार, अंडरवर्ल्ड और माफिया की कहानियां फिल्मों में देखी होंगी, लेकिन जो साजिश इस वक्त असलियत में यूरोप की सड़कों पर पल रही है, वो किसी फिल्म से कहीं ज्यादा डरावनी है। और सबसे बड़ा शॉकिंग खुलासा ये है कि इस खून-खराबे के पीछे किसी गैंग का सिरफिरा बॉस नहीं, बल्कि पूरा एक मुल्क खड़ा है— ईरान।

ईरान अब अपनी दुश्मनी निकालने के लिए बंदूकधारियों की ऐसी फौज तैयार कर रहा है, जिनके पास न तो कोई वर्दी है और न ही कोई झंडा। ये हत्यारे हैं यूरोप के कुख्यात गैंग्स के, जिनके हाथों में अब ईरान ने अपने दुश्मनों के नामों की लिस्ट थमा दी है। सुनने में भले ये स्क्रिप्ट किसी हॉलीवुड फिल्म जैसी लगे, लेकिन स्वीडन के सरकारी ब्रॉडकास्टर SVT की नई डॉक्यूमेंट्री ने इस सच्चाई का परदा उठा दिया है। ये वही मॉडल है जैसे भारत में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए शूटर्स की फौज बनाता है। फर्क बस इतना है कि यहां खेल में सिर्फ एक गैंग नहीं, बल्कि पूरा एक देश शामिल है, और उसका मकसद है— दुश्मनों को मिटा देना।

गैंगवार में शामिल हुआ पूरा देश!

SVT की रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि ईरान की खुफिया एजेंसियां यूरोप के खतरनाक आपराधिक गिरोहों से संपर्क कर रही हैं। उन्हें पैसा, हथियार और पॉलिटिकल संरक्षण देने का ऑफर दिया जा रहा है, बदले में उन्हें सिर्फ ईरान के दुश्मनों को खत्म करना है। सबसे बड़ा टारगेट है ईरान इंटरनेशनल, वो फारसी न्यूज चैनल जो लंदन से चलाया जाता है और लगातार ईरानी हुकूमत की पोल खोलता रहता है। इस खुलासे ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। सोचिए, एक संप्रभु देश अपनी राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए यूरोप के गैंगस्टरों को हायर कर रहा है! लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा जब इस साजिश का सूत्रधार सामने आया— स्वीडन का सबसे खतरनाक गैंगस्टर रावा माजिद, जिसे दुनिया कुर्दिश फॉक्स के नाम से जानती है। माजिद वही शख्स है जो ‘Foxtrot गैंग’ का सरगना है। यही वो गैंग है जिसने स्वीडन की सड़कों को बम धमाकों, शूटआउट्स और बच्चों तक से कराई जाने वाली हत्याओं से लाल कर रखा है।

SVT की डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, 2023 की शुरुआत में माजिद ईरान गया था। वहां उसे दो विकल्प दिए गए— या तो जेल में सड़ो या फिर ईरान के लिए काम करो। माजिद ने दूसरा रास्ता चुना और टारगेट मिला स्टॉकहोम स्थित इजरायली एंबेसी पर ग्रेनेड अटैक करने का। किस्मत अच्छी थी कि ग्रेनेड फटा नहीं, लेकिन ईरान के इरादे पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गए।

ईरान के निशाने पर कौन-कौन?

अब सवाल उठता है कि ईरान आखिर किन दुश्मनों को खत्म करना चाहता है? सबसे ऊपर नाम आता है ईरान इंटरनेशनल चैनल का। ये वही चैनल है जिसने बार-बार ईरान में हो रहे मानवाधिकार हनन और भ्रष्टाचार के खिलाफ रिपोर्टिंग की है। पहले इस चैनल के पत्रकारों पर साइबर हमले होते थे, अब मामला शूटर्स और ग्रेनेड अटैक तक पहुंच गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान अब यूरोप में मौजूद यहूदी धार्मिक स्थलों जैसे Synagogues और इजरायली कूटनीतिक ठिकानों को भी अपने निशाने पर ले रहा है। यानी अब गैंगवार और जासूसी का खेल अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का रूप ले चुका है।

लॉरेंस बिश्नोई से भी खतरनाक हैं ये गैंग

भारत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क की खबरें आती रहती हैं, लेकिन SVT की रिपोर्ट बताती है कि स्वीडन का आपराधिक नेटवर्क उससे कहीं ज्यादा खतरनाक और संगठित है। अनुमान है कि स्वीडन में इस वक्त करीब 14,000 लोग सीधे इन गैंग्स से जुड़े हैं और करीब 48,000 लोग किसी न किसी रूप में इनके लिए काम करते हैं। लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क जहां भारत में 700-800 शूटरों तक सीमित माना जाता है, वहीं स्वीडन के गैंग्स अब पूरी अंतरराष्ट्रीय राजनीति का औजार बन चुके हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि भारत में ये गैंग अपने दुश्मनों को मारने के लिए पैसे लेते हैं, जबकि स्वीडन के गैंग अब एक देश की विदेशी नीति में शामिल हो चुके हैं।

दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा

ये पूरी साजिश दुनिया के लिए बेहद खतरनाक है। ईरान ने जिस रास्ते पर कदम रखा है, वो सीधे-सीधे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का नया चेहरा है। पहले जहां आतंकी संगठन अपने एजेंडे के लिए हमले करते थे, अब एक संप्रभु देश प्राइवेट गैंग्स की मदद से टारगेट हत्याएं करवा रहा है। क्या ये ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का नया चेहरा है? क्या ईरान जैसे देश अब वैश्विक राजनीति में अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए अंडरवर्ल्ड से गठजोड़ करेंगे? और अगर ये चलन शुरू हो गया तो क्या कल को रूस, चीन या उत्तर कोरिया भी इसी राह पर नहीं चलेंगे? SVT की इस डॉक्यूमेंट्री ने दुनिया को आगाह कर दिया है। आने वाले समय में शायद जंग हथियारों से नहीं, बल्कि किराए के हत्यारों और क्रिमिनल गैंग्स से लड़ी जाएगी। और डर इस बात का है कि जब खून बहाने के लिए पूरा एक देश गैंगस्टरों के साथ खड़ा हो जाए, तो उसे रोकने वाला कौन होगा? ये सिर्फ ईरान की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा का सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

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Harsh Srivastava

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