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बस एक शर्त में रुक गया खूनी संहार! इजरायल-हमास का बड़ा फैसला, ट्रंप फिर बन गए 'सरपंच'
Israel Hamas War: ट्रंप की पहल से इजरायल-हमास के बीच संघर्ष विराम की संभावना ने मध्य पूर्व में शांति की एक नई उम्मीद जगाई है।
Israel Hamas Ceasefire: विश्वभर में तनाव के बीच एक और बड़ी लड़ाई खत्म होने की दिशा में बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में, इजरायल और हमास ने 60 दिन के संघर्ष विराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है। वहीं, हमास ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा है कि वे शांति की पूरी प्रक्रिया के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विराम केवल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि पूरी तरह युद्ध समाप्ति के रूप में होना चाहिए।
ट्रंप की चेतावनी और नेतन्याहू से महत्वपूर्ण बैठक
डोनाल्ड ट्रंप ने इस घोषणा से एक दिन पहले कहा था कि इजरायल ने गाजा क्षेत्र में 60 दिन के संघर्ष विराम पर सहमति दी है। उन्होंने हमास को चेतावनी भी दी कि यदि वे इस शांति समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इस बयान के बाद ट्रंप सोमवार को वाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करने वाले हैं। ट्रंप की कोशिश है कि युद्ध के साथ-साथ बंधकों की रिहाई को भी सुनिश्चित किया जाए और गाजा में जारी संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए।
ट्रंप ने कहा है कि 60 दिन की अवधि का उपयोग युद्ध समाप्ति के लिए वार्ता और प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। हालांकि, इजरायल की सरकार ने कहा है कि वे तब तक हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे जब तक कि इस संगठन को पूरी तरह खत्म न किया जाए। ट्रंप का मानना है कि अगले सप्ताह तक इस मामले में कोई समझौता हो सकता है।
हमास की प्रतिक्रिया: ‘हम युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार हैं’
हमास के वरिष्ठ अधिकारी ताहिर अल-नुनू ने कहा कि उनका संगठन किसी भी ऐसी पहल का स्वागत करेगा जो युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमास शांति की प्रक्रिया में गंभीर है और वह इस पर काम करने को तैयार है।
मिस्र के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को काहिरा में मिस्र और कतर के मध्यस्थता में हमास के प्रतिनिधिमंडल की बैठक होने की संभावना है। इस वार्ता में इजरायल की तरफ से सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसका मकसद संघर्ष विराम को पुख्ता करना और दोनों पक्षों के बीच शांति की राह खोलना होगा।
ट्रंप की पहल से इजरायल-हमास के बीच संघर्ष विराम की संभावना ने मध्य पूर्व में शांति की एक नई उम्मीद जगाई है। हालांकि दोनों पक्षों की शर्तें और स्थिति को देखते हुए आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी कि यह समझौता स्थायी और सफल हो पाएगा या नहीं।


