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Pakistan चाहता है भारत से युद्ध? 'या तो खून बहेगा या सिंधु का पानी!' पाकिस्तान ने भारत को दी जंग की खुली चेतावनी
Bilawal Bhutto Indus water threat: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। लेकिन इस बार सिर्फ जुबानी जहर नहीं, बल्कि उन्होंने ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे दुनिया दहल उठी है।
Bilawal Bhutto Indus water threat: भारत-पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से तल्ख रहे हैं, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने ऐसी धमकी दी है जिसने पूरे दक्षिण एशिया को युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। लेकिन इस बार सिर्फ जुबानी जहर नहीं, बल्कि उन्होंने ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे दुनिया दहल उठी है। बिलावल भुट्टो ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि अगर भारत सिंधु जल संधि से पीछे हटता है तो पाकिस्तान भारत की सभी छह नदियों पर कब्जा कर लेगा। इतना ही नहीं, बिलावल ने भारत को सीधे-सीधे जंग की धमकी दे दी है। उनका साफ-साफ कहना है—"भारत तैयार हो जाए, या तो सिंधु से पानी बहेगा या खून!"
अब सवाल उठता है कि पाकिस्तान आखिर इतनी बौखलाहट क्यों दिखा रहा है? वजह है गृह मंत्री अमित शाह का वो बयान जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दो टूक कहा था कि भारत अब सिंधु जल संधि को लेकर किसी दबाव में नहीं रहेगा। पाकिस्तान ने जिस तरह से आतंकवाद फैलाकर इस समझौते को तार-तार किया है, उसके बाद अब भारत की तरफ से सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार होना तय है।
‘या तो पानी बहेगा या खून’ – बिलावल भुट्टो की खुली धमकी
बिलावल भुट्टो ज़रदारी का ये बयान कोई पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी वे कई मंचों से भारत को सिंधु जल संधि तोड़ने पर ‘खून बहाने’ की धमकी दे चुके हैं। इस बार भी वही शब्द गूंजे—"या तो खून बहेगा या पानी बहेगा।" पाकिस्तान की बौखलाहट समझ में आती है, क्योंकि अगर भारत इस संधि से हटता है तो पाकिस्तान का पंजाब और सिंधु क्षेत्र पानी के लिए तरस जाएगा। सिंधु जल संधि के तहत भारत तीन नदियों का पानी पाकिस्तान को देता है। अगर भारत उस पानी को रोकता है तो पाकिस्तान की खेती, पीने का पानी और बिजली उत्पादन सब ठप हो सकता है। बिलावल भुट्टो की ये धमकी ऐसे वक्त पर आई है जब भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की आतंकवाद नीति अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है। भारत का साफ संदेश है—अगर पाकिस्तान खून बहाएगा तो पानी नहीं बहेगा।
अमित शाह के बयान से हिला पाकिस्तान
गृह मंत्री अमित शाह का बयान पाकिस्तान के लिए जैसे किसी भूकंप से कम नहीं था। शाह ने कहा था, "भारत अब इस संधि को ऐसे नहीं देखेगा जैसे पिछले 60 सालों से देखता रहा है। पाकिस्तान आतंकवाद फैलाए और भारत उसे पानी देता रहे, ये अब नहीं चलेगा।" इस बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत प्रेस रिलीज जारी कर भारत को धमकाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने UN में पाकिस्तान को साफ कह दिया कि ‘पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।’ पाकिस्तान को इस वक्त सबसे बड़ा डर यही है कि भारत अगर सिंधु जल संधि से हटता है तो उसकी अर्थव्यवस्था, कृषि और आम जनता सब खत्म हो जाएगी। इसलिए बिलावल भुट्टो जैसे नेता अब बौखलाहट में युद्ध की धमकियां दे रहे हैं।
क्या सिंधु जल संधि टूटने पर जंग तय है?
पाकिस्तान की गीदड़भभकी से भारत डरने वाला नहीं है। भारत जानता है कि पाकिस्तान युद्ध की धमकी देकर सिर्फ अपने देश की जनता को बहकाना चाहता है। पाकिस्तान के पास न तो आर्थिक ताकत है, न सैन्य क्षमता। हां, इतना जरूर है कि अगर भारत सिंधु जल संधि से पीछे हटता है तो पाकिस्तान में हाहाकार मचना तय है। लेकिन जंग? पाकिस्तान जंग करने की हालत में नहीं है। सेना के पास संसाधन नहीं, देश की अर्थव्यवस्था ICU में है और IMF से कर्ज लेने के लिए भी पाकिस्तान दर-दर भटक रहा है। भारत सरकार फिलहाल कूटनीतिक तरीके से पाकिस्तान को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। लेकिन अगर पाकिस्तान किसी भी तरह से जंग छेड़ने की हिमाकत करता है तो भारत की सेना उसे ऐसा सबक सिखाएगी जिसे वह आने वाली पीढ़ियों तक याद रखेगा।
भारत का संदेश साफ—‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते’
सिंधु जल संधि भारत की दरियादिली का सबूत है, लेकिन पाकिस्तान ने उस पर आतंकवाद का जहर घोल दिया है। बिलावल भुट्टो ज़रदारी की बौखलाहट इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान को अपनी हार दिखाई देने लगी है। अब फैसला भारत के हाथ में है। पाकिस्तान चाहे जितनी गीदड़भभकियां दे, भारत ने फैसला कर लिया है—अब खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। अगर पाकिस्तान युद्ध चाहता है, तो भारत उसे आखिरी सबक सिखाने के लिए तैयार है।


