'सुधर जाओ पाकिस्तान!' इस्लामाबाद प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ ऐसी हरकत...सरकार ने कर दी हदें पार

इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब में पाकिस्तान पुलिस ने PoJK विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर बर्बर हमला किया, जिसमें लाठीचार्ज और मीडिया उपकरणों की तोड़फोड़ शामिल थी। मानवाधिकार समूहों और राजनीतिक नेताओं ने कड़ी निंदा की और जवाबदेही की मांग की।

Harsh Srivastava
Published on: 3 Oct 2025 9:16 AM IST
सुधर जाओ पाकिस्तान! इस्लामाबाद प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ ऐसी हरकत...सरकार ने कर दी हदें पार
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Islamabad Press Club attack: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में असंतोष की जो लहर उठ रही थी, वह अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद तक पहुँच चुकी है और अब यहाँ भी हिंसा भड़क उठी है! गुरुवार को इस्लामाबाद पुलिस ने नेशनल प्रेस क्लब (NPC) पर बर्बर हमला किया है। लाठीचार्ज और परिसर में जबरन घुसपैठ की खबर है, जिसने न केवल पत्रकारों, बल्कि PoJK के प्रदर्शनकारियों को भी निशाना बनाया। पुलिस की यह कार्रवाई कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई, जो PoJK में कथित अत्याचारों और इंटरनेट ब्लैकआउट के खिलाफ किया जा रहा था। इस घटना से पूरे देश में आक्रोश फैल गया है और मानवाधिकार समूहों तथा मीडिया संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है।

PoJK के विरोध पर पुलिस का कड़ा प्रहार

नेशनल प्रेस क्लब, जो अक्सर पत्रकारों का गढ़ और अभिव्यक्ति का केंद्र माना जाता है, पर पुलिस का यह छापा लोकतंत्र और मानवाधिकार पर सीधा हमला माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान PoJK के एडवोकेट समुदाय के सदस्य NPC के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वे PoJK में अत्याचारों और लंबे समय से चल रहे इंटरनेट ब्लैकआउट के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

चश्मदीदों ने बताया कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया। पुलिस ने न केवल लाठीचार्ज किया, बल्कि पत्रकारों के मीडिया उपकरणों को भी नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान प्रशासन PoJK के लोगों की आवाज को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, भले ही वह राजधानी के प्रेस क्लब जैसा संवेदनशील क्षेत्र क्यों न हो।

मानवाधिकार संगठनों ने मांगी तत्काल जांच

पुलिस के इस बर्बर हमले की ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने कड़ी निंदा की है। HRCP ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "हम नेशनल प्रेस क्लब पर छापे और पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं।" संगठन ने तत्काल जांच की मांग की है और जोर देकर कहा है कि इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को कटघरे में लाया जाना चाहिए। इस घटना ने देशव्यापी आक्रोश और मानवाधिकार समूहों से निंदा को जन्म दिया है।

सियासी नेताओं ने माँगी जवाबदेही

पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार ज़ाईद गिशकोरी ने भी इस घटना पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि "इस्लामाबाद प्रेस क्लब पर पुलिस का बर्बर हमला गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्रकारों का घर उन लोगों के लिए असुरक्षित कैसे हो गया, जिनके पास विरोध करने की कोई जगह नहीं है।" संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व दूत मलीहा लोधी ने भी इस छापे को "निंदनीय" बताया और जवाबदेही की मांग की। राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों का यह एकजुट विरोध दिखाता है कि प्रेस क्लब पर पुलिस की कार्रवाई को पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। यह घटना दर्शाती है कि PoJK में उठ रही असंतोष की आवाज अब इस्लामाबाद के अधिकार गलियारों तक पहुँच चुकी है, और पाकिस्तानी प्रशासन अब इस आवाज को दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रहा है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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