ट्रंप का बड़ा कबूलनामा: ‘मैं यूक्रेन युद्ध नहीं रोक सकता’ – पुतिन के सामने अमेरिका भी हुआ लाचार?

Trump Russia-Ukraine war statement: ट्रंप ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा – “पुतिन लोगों को मारते रहना चाहते हैं। वो पीछे नहीं हटने वाले। वो जो कर रहे हैं, वह बहुत खतरनाक है। ये अच्छा नहीं है।

Harsh Srivastava
Published on: 6 July 2025 4:27 PM IST
ट्रंप का बड़ा कबूलनामा: ‘मैं यूक्रेन युद्ध नहीं रोक सकता’ – पुतिन के सामने अमेरिका भी हुआ लाचार?
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Trump Russia-Ukraine war statement: कभी दंभ से कहते थे “मैं एक दिन में रूस - यूक्रेन युद्ध रुकवा दूंगा।” लेकिन अब, जब वाकई में व्हाइट हाउस की गद्दी फिर से डोनाल्ड ट्रंप के पास है, तो वो कह रहे हैं – “मुझे नहीं पता, ये रुक पाएगा या नहीं।” ये महज़ एक बयान नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे ताकतवर कुर्सी पर बैठे राष्ट्रपति की हार की स्वीकृति है और इससे भी खौफनाक बात ये है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब खुलकर कह रहे हैं – "मैं युद्ध नहीं रोकूंगा।" 3 जुलाई को पुतिन और ट्रंप के बीच एक घंटे की गुप्त फोन कॉल हुई, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में है। यह कॉल उस वक़्त हुई जब रूस ने यूक्रेन पर अपना हमला और तेज़ कर दिया था। लेकिन इस कॉल के बाद ट्रंप ने जो बयान दिया, उसने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बातचीत से बेहद नाखुश हूं। पुतिन युद्ध रोकना ही नहीं चाहते।”

‘लोगों को मारते रहना चाहते हैं’ – ट्रंप ने दी भयानक चेतावनी

ट्रंप ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा – “पुतिन लोगों को मारते रहना चाहते हैं। वो पीछे नहीं हटने वाले। वो जो कर रहे हैं, वह बहुत खतरनाक है। ये अच्छा नहीं है।” यह पहली बार है जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने पुतिन के इरादों पर इस कदर साफ और तीखा बयान दिया है। यह उस ट्रंप के शब्द हैं जो खुद को पुतिन का समझदार "सौदागर" बताते थे और दावा करते थे कि “पुतिन मुझे पसंद करते हैं, मैं उन्हें रोक सकता हूं।” अब वही ट्रंप कह रहे हैं कि शायद यह युद्ध थम ही न पाए।

रूस की सैन्य तैयारी: नाटो के होश उड़े

इस बीच नाटो महासचिव मार्क रूट ने जो बयान दिया, वह और भी खौफनाक है। उन्होंने कहा – “रूस इतने बड़े पैमाने पर खुद को पुनर्गठित कर रहा है, जो हाल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। वो तीन महीने में उतना गोलाबारूद बना रहा है जितना पूरा नाटो साल भर में बना पाता है।” यानि पुतिन अब युद्ध को और लंबे समय तक खींचने की तैयारी में हैं। रूस का सैन्य उत्पादन अब युद्ध उद्योग में तब्दील हो चुका है। हथियार, गोले, ड्रोन, मिसाइलें – हर मोर्चे पर रूस दिनरात निर्माण कर रहा है, जबकि अमेरिका और यूरोप महज़ बैठकें कर रहे हैं।

यूक्रेन की जमीन फिर खतरे में – पुतिन की नई घुसपैठ

वहीं, रूसी सेना की जमीनी कार्रवाई भी अचानक तेज हो गई है। निगरानी समूहों की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के निप्रॉपेट्रोव्स्क ओब्लास्ट की सीमा के पास दो गांवों पर कब्जा कर लिया है। यह इलाका 2022 के बाद से रूसी फौजों की पहुंच से बाहर था, लेकिन अब वहां फिर से टैंकों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है। रूस अब इस क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा है, जहां यूक्रेन ने पहले अपने सबसे मजबूत मोर्चे बनाए थे। इस कदम से यह आशंका और गहरा गई है कि पुतिन अब दक्षिणपूर्वी यूक्रेन को पूरी तरह निगलने की तैयारी में हैं।

जर्मनी और अमेरिका में बढ़ी बेचैनी – अब क्या भेजेंगे पैट्रियट मिसाइल?

ट्रंप के बयान और रूस की आक्रामकता के बीच अब अमेरिका और उसके यूरोपीय साथी भी हड़बड़ाए हैं। जर्मनी रूस के खतरे को देखते हुए नई एयर डिफेंस तकनीक खरीदने पर विचार कर रहा है। वहीं अमेरिका एक बार फिर यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भेजने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। लेकिन सवाल वही है – क्या ये सब बहुत देर से हो रहा है?

क्या अब पुतिन ही तय करेंगे युद्ध का अंत?

3 जुलाई की कॉल में पुतिन ने ट्रंप से साफ कह दिया – “रूस अपने लक्ष्यों को हासिल किए बिना युद्ध नहीं रोकेगा।” यह कथन अब दुनिया के लिए चेतावनी है।इसका मतलब है कि पुतिन तब तक नहीं रुकेंगे जब तक यूक्रेन में उनकी "सत्ता की छाया" पूरी तरह स्थापित न हो जाए। क्रेमलिन ने इस कॉल की पुष्टि की है और कहा कि यह कॉल “यूक्रेन पर केंद्रित थी”, लेकिन कोई समाधान या राहत की बात सामने नहीं आई।

ट्रंप की चुप्पी या बेबसी?

ट्रंप के ताज़ा बयान ने न केवल उनकी विदेश नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ये भी साबित कर दिया कि अमेरिका अब रूस के आगे कमजोर पड़ रहा है। जो ट्रंप चुनाव के दौरान कहते थे कि “मैं राष्ट्रपति बना तो युद्ध बंद होगा”, अब वही कह रहे हैं – “मैं नहीं जानता, क्या ये रुकेगा या नहीं।” यानी अब अमेरिका के पास भी कोई ठोस योजना नहीं है। पुतिन पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

अब क्या होगा?

रूस का सैन्य उत्पादन तीन गुना बढ़ चुका है, पुतिन युद्धविराम के खिलाफ हैं, यूक्रेन में फिर घुसपैठ शुरू हो गई है और अमेरिका का राष्ट्रपति हाथ खड़े कर रहा है। क्या दुनिया अब तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रही है? क्या ट्रंप अपनी ही कही बातों से पलट चुके हैं? क्या पुतिन की महत्वाकांक्षा अब यूक्रेन से आगे बढ़कर यूरोप की सीमाओं तक पहुंचने वाली है? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं… लेकिन एक बात अब साफ है – युद्ध खत्म होने वाला नहीं है, शायद अब यह सिर्फ और भी बड़ा, और भी विनाशकारी होने जा रहा है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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