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व्हाइट हाउस में 'खलनायक'! जिसपर अमेरिका ने रखा था करोड़ों का इनाम, अब बनेंगे ट्रंप के मेहमान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को व्हाइट हाउस आमंत्रित कर दुनिया को चौंका दिया है। जिस व्यक्ति के सिर पर कभी करोड़ों का इनाम था, अब वही ट्रंप के मेहमान बनेंगे। यह कदम मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
Ahmed al-Sharaa and Trump Meeting: अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में सन्नाटा पसरा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को व्हाइट हाउस में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह खबर किसी भी मायने में सामान्य नहीं है, क्योंकि अल-शरा वह व्यक्ति हैं जिसके सिर पर एक समय एक करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 80 करोड़ रुपये) का इनाम रखा गया था। यह अप्रत्याशित कदम मध्य-पूर्व की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है और व्हाइट हाउस में किसी सीरियाई राष्ट्रपति की यह पहली यात्रा होगी। इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भी व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान जमकर तारीफ कर चुके हैं, लेकिन सीरियाई नेता को बुलाना एक बिल्कुल अलग और साहसी कूटनीतिक दांव माना जा रहा है।
10 नवंबर की संभावित मुलाकात: एक कूटनीतिक धमाका
भले ही इस उच्च-स्तरीय बैठक की औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की है। अधिकारी के अनुसार, यह बैठक 10 नवंबर को होने की संभावना है। यह मुलाकात सीरिया के लिए एक बहुत बड़ा घटनाक्रम है, जो दशकों से अंतर्राष्ट्रीय अलगाव से जूझ रहा है। इस देश में असद परिवार का 50 से अधिक वर्षों का कठोर शासन रहा है, और अब सीरिया धीरे-धीरे उस दौर से उबरने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप और अल-शरा की यह पहली मुलाकात नहीं है। दोनों नेताओं ने मई में सऊदी अरब में खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं के साथ बैठक के इतर मुलाकात की थी। वह मुलाकात भी 25 वर्षों में अमेरिका और सीरियाई नेताओं के बीच पहली सीधी बातचीत थी, जिसने उसी वक्त अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हलचल मचा दी थी। अब व्हाइट हाउस में होने वाली यह बैठक संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हो सकती है।
अल-कायदा से व्हाइट हाउस तक का सफर: कौन हैं अल-शरा?
अहमद अल-शरा का अतीत बेहद विवादास्पद रहा है। उन्हें पहले अबू मोहम्मद अल-गोलानी के नाम से जाना जाता था। उनका सीधा नाता अल-कायदा से था। सीरियाई युद्ध में उतरने से पहले, वह इराक में अमेरिकी सेना से लड़ने वाले विद्रोहियों में शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें कई साल तक कैद भी रखा था। एक समय जिस व्यक्ति को अमेरिका दुश्मन मानता था और जिसके सिर पर बड़ा इनाम रखा था, आज वही व्यक्ति अमेरिकी राष्ट्रपति के न्यौते पर व्हाइट हाउस में वार्ता के लिए आने वाला है।
ISIS पर साझेदारी: बदलती दुनिया की नई तस्वीर
अधिकारी ने बताया कि अल-शरा की इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीरिया को शामिल करने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर करना हो सकता है। यदि यह समझौता होता है, तो यह मध्य-पूर्व में अमेरिका की रणनीति में एक बड़ा बदलाव लाएगा। ट्रंप प्रशासन की यह पहल यह दर्शाती है कि अमेरिका अब सीरिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वास्तविकतावादी (Pragmatic) रुख अपना रहा है। पूर्व में कट्टर दुश्मन रहे व्यक्ति को सहयोगी के रूप में देखना, यह दिखाता है कि वैश्विक राजनीति में दुश्मनियाँ स्थायी नहीं होतीं और राष्ट्रीय हितों के लिए समीकरण तेजी से बदलते हैं। यह ऐतिहासिक बैठक न केवल सीरिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय अलगाव को तोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि मध्य-पूर्व में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। अब दुनिया की निगाहें 10 नवंबर पर टिकी हैं, जब व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में यह 'खलनायक से सहयोगी' बनने वाली कहानी मूर्त रूप लेगी।


