खुशी से झूम उठा पूरा ईरान जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई स्टेज पर दिखे, युद्ध के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से आए नजर

Ashura ceremony: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई युद्ध के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए। उन्होंने आशूरा समारोह में भाग लिया, जिससे ईरान में खुशी की लहर दौड़ गई। इजरायल के साथ 12 दिनों तक चले संघर्ष, खामेनेई की सुरक्षा चिंताओं और 'राइजिंग लायन' हमले के बारे में जानें।

Harsh Sharma
Published on: 6 July 2025 8:43 AM IST
Khamenei, Iran, public appearance, Ashura ceremony
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Khamenei, Iran, public appearance, Ashura ceremony

Ashura ceremony: इजरायल के साथ भारी संघर्ष के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई शनिवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए। उन्होंने तेहरान में शिया मुस्लिम कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण दिन आशूरा के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।

आशूरा समारोह में दिखी भीड़ की खुशी

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें खामेनेई काले कपड़े पहने हुए एक बड़े हॉल में प्रवेश करते हुए नजर आए। इस हॉल में आशूरा के मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे। यह हॉल आमतौर पर महत्वपूर्ण सरकारी और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। समारोह में मौजूद लोग खामेनेई के आने पर नारे लगा रहे थे और खुशी दिखा रहे थे। यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी, जो 13 जून को इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से थी।

स्वास्थ्य को लेकर अटकलें

ईरानी अधिकारियों ने बाद में बताया कि बढ़ते क्षेत्रीय तनावों के कारण सुरक्षा कारणों से खामेनेई को सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखा गया था। उनकी वार्षिक धार्मिक बातें और बाकी सभी भाषण प्री-रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए प्रसारित किए गए थे। इस अनुपस्थिति के कारण उनके स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगी थीं।

इजरायल-ईरान युद्ध में खामेनेई की सुरक्षा चिंताएं

इजरायल के साथ 12 दिनों तक चले हवाई युद्ध के दौरान, जिसमें इजरायल ने ईरान के परमाणु स्थलों, रक्षा प्रणालियों और उच्च सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया, खामेनेई ने कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं की थी। इस दौरान वह एक सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए थे और उनकी ओर से रिकॉर्ड किए गए संदेश प्रसारित किए गए। 13 जून को युद्ध की शुरुआत के बाद, इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिसमें शीर्ष कमांडरों और वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इस हमले ने खामेनेई की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा की थीं।

राइजिंग लायन' हमले में 28 की मौत, भारी नुकसान

13 जून को इजरायल ने ऑपरेशन 'राइजिंग लायन' के तहत ईरान के परमाणु स्थलों और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में कई ईरानी सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। जवाब में, ईरान ने इजरायल के प्रमुख शहरों, जैसे तेल अवीव और यरुशलम पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इनमें से ज्यादातर मिसाइलें इजरायल ने नष्ट कर दीं, लेकिन इन हमलों में 28 लोगों की जान गई और कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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