Rudraksha Benefits: अज्ञात भय से रहते हैं परेशान तो धारण करें दस मुखी रुद्राक्ष, होगी विशेष कृपा
10 Mukhi Rudraksha Benefits: पौराणिक ग्रन्थों के मुताबिक भगवान शिव को रुद्राक्ष का जन्मदाता माना जाता है। इस बात की पुष्टि स्कन्द पुराण, शिव पुराण और अन्य ग्रन्थों में भी मिलता है।;
10 Mukhi Rudraksha Benefits - Photo - Social Media
10 Mukhi Rudraksha Benefits: हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष की बहुत अधिक महत्ता बताते हुए देवतातुल्य की उपाधि दी गयी है। पौराणिक ग्रन्थों के मुताबिक भगवान शिव को रुद्राक्ष का जन्मदाता माना जाता है। इस बात की पुष्टि स्कन्द पुराण, शिव पुराण और अन्य ग्रन्थों में भी मिलता है। ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। इस पवित्र चीज़ को लोग प्राचीन काल से ही आभूषण की तरह पहनते आ रहे है। गौरतलब है कि रुद्राक्ष के भी कई रूप होते हैं। जिसमें से दस मुखी रुद्राक्ष का संबंध भगवान विष्णु और शनिदेव से माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जिन जातकों को अज्ञात भय सताता हो उनके लिए दस मुखी रुद्गाक्ष धारण करना शुभ होता हैं। बता दें कि दस मुखी रुद्राक्ष का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है।
तो आइए जानते हैं किन राशि वालों को दस मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए और क्या है इसकी सही पहचान-
दस मुखी रुद्राक्ष का विशेष है महत्व और होते हैं अनगिनत लाभ-
जब किसी जातक की जन्मकुंडली में शनि खराब दशा में होते हैं तो ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में रोजगार (employment) के लिए बेहद परेशान रहने के साथ उस व्यक्ति को उसकी मेहनत के अनुरूप सफलता नहीं मिल पाती है। तो ऐसे में ऐसे लोगों को इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए 10 मुखी रूद्राक्ष शनिवार के दिन काले धागे में डालकर गले में धारण करने की सलाह दी जाती है या अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या भी चल रही है तो भी ऐसे लोगों के लिए दस मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है।
दस मुखी रुद्राक्ष: Photo - Social Media
दस मुखी रुद्राक्ष ऐसे जातकों के लिए है अत्यंत लाभकारी
बता दें कि दस मुखी रुद्राक्ष का सीधा संबंध शनि देव से होने के कारण मकर और कुंभ राशि वालों के लिए यह धारण करना ज्यादा फायदेमंद होता है या फिर जिन जातकों की कुंडली में शनि ग्रह नकारात्मक या अशुभ स्थिति में विराजमान हो। इतना ही नहीं नवग्रह की शांति और वास्तु दोषों को मिटाने में भी 10 मुखी रुद्राक्ष बेहद लाभकारी बताया गया है। इसके अलावा किसी तरह की कानूनी परेशानी से बचने के लिये या बिजनेस के चुनाव में आ रही परेशानियों से बचने के लिये भी 10 मुखी रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है। उल्लेखनीय है कि जिन जातकों को सदा अज्ञात भय सताता रहता है उनके लिए भी दस मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ होता है।
कैसे करें दस मुखी रुद्राक्ष की पहचान?
असली रुद्राक्ष की पहचान उसमें पड़ी धारियों के आधार पर ही की जाती है। बता दें कि जिस रुद्राक्ष में जितनी अधिक धारियां पड़ी होती हैं, वह उतने ही मुखी रुद्राक्ष कहलाता है। इसी आधार पर जिस रुद्राक्ष में दस धारियां, यानी दस लाइन्स मौजूद होती हैं, वो दस मुखी रुद्राक्ष (Dus mukhi rudraksha) कहलाता है। गौरतलब है कि नेपाल और इंडोनेशिया से दस मुखी रुद्राक्ष आता है। लेकिन इनदोनों में भी नेपाल के रुद्राक्ष को सर्वोत्तम माना जाता है।