Khan Sir on NEET Paper Leak: खान सर का नीट पेपर लीक केस पर सनसनीखेज खुुलासा, CBI पर उठाए गंभीर सवाल
Khan Sir on NEET Paper Leak: एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में खान सर ने पेपर लीक माफिया, जांच एजेंसियों और पूरे सिस्टम को लेकर कई बड़े बयान दिए।
Khan Sir on NEET Paper Leak
Khan Sir on NEET Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद से पटना के चर्चित शिक्षक खान सर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनके बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में खान सर ने पेपर लीक माफिया, जांच एजेंसियों और पूरे सिस्टम को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक कोई अचानक होने वाली घटना नहीं होती, बल्कि इसे योजनाबद्ध तरीके से कराया जाता है और असली मास्टरमाइंड तक जांच एजेंसियां पहुंच ही नहीं पातीं।
सीबीआई की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
खान सर ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एजेंसियां गिरफ्तार करती हैं, वे सिर्फ मोहरे होते हैं, असली आरोपी बच निकलते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि सीबीआई के बस का नहीं है ऊपर तक पहुंचना। खान सर ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों में पहले से तय कर लिया जाता है कि किसे बलि का बकरा बनाया जाएगा। कई बार ऐसे लोगों को पकड़ा जाता है जिन्हें पूरे मामले की सही जानकारी तक नहीं होती और उन्हें पैसे देकर अपने ऊपर आरोप लेने के लिए तैयार किया जाता है।
घोटाले ने लाखों छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ा
साक्षात्कार के दौरान खान सर ने भावुक अंदाज में कहा कि घोटाले ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि कई अभिभावक उनसे मिलने आते हैं और बच्चों की मेहनत बर्बाद होने की बात कहकर रो पड़ते हैं। खान सर ने कहा कि शिक्षक होने के नाते उनके पास छात्रों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि हम नेता नहीं हैं जो सिर्फ वादे कर दें। हम शिक्षक हैं और छात्रों का दर्द समझते हैं।
खान सर ने मांग की कि पेपर लीक के आरोपियों पर बेहद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों में आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पेपर लीक जैसे मामलों में लंबी सजा और सख्त कानून बनाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
खान सर ने यह भी कहा कि पेपर लीक अब बड़े संगठित कारोबार का रूप ले चुका है, जिसमें करोड़ों रुपये का खेल होता है। बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने अवैध नेटवर्क को और मजबूत बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार जांच सिर्फ दिखावे तक सीमित रह जाती है और असली दोषियों को बचा लिया जाता है।