GST Reform: FICCI के अनुसार GST 2.0 टैक्स घटाएगा और 41,000 करोड़ रुपये के अवैध तंबाकू पर रोक लगाएगा

GST 2.0 से घरों और छोटे व्यवसायों के लिए राहत मिल रही है। अब जरूरी सामान सस्ता होगा, MSMEs मजबूत होंगे और नकली सामान और तंबाकू जैसी अवैध गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण होगा।

Update:2025-09-19 16:49 IST

GST Reform: भारत में GST ने पिछले कुछ सालों में टैक्स प्रणाली को सरल बनाया, लेकिन GST 1.0 में कुछ चीज़ों की कीमतें बहुत ज्यादा थीं। इसके कारण घरों पर टैक्स का बोझ बढ़ा और छोटे व्यवसायों के लिए काम करना मुश्किल हो गया। इसके साथ ही नकली और अवैध सामान का व्यापार भी बढ़ गया। FICCI की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब GST 2.0 से घरों पर टैक्स का बोझ कम होगा, MSMEs को फायदा मिलेगा और ज्यादा व्यवसाय औपचारिक अर्थव्यवस्था में आएंगे। इससे उपभोक्ताओं के लिए जरूरी चीज़ें सस्ती होंगी और नकली सामान, पैकेज्ड फूड और तंबाकू जैसे अवैध व्यापार पर भी नियंत्रण होगा। GST 2.0 का मकसद है हर व्यक्ति और व्यवसाय को सीधे लाभ देना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना।

FMCG और पैकेज्ड फूड में अवैध व्यापार पर रोक

रिपोर्ट के अनुसार, GST 1.0 में ज्यादा टैक्स होने की वजह से अवैध व्यापार बढ़ गया। FY18 से FY23 के बीच, FMCG का अवैध बाजार 70% बढ़ गया, पैकेज्ड फूड लगभग 100% बढ़ा, और तंबाकू व्यापार 41,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया।

अब GST 2.0 में बदलाव किया गया है। मुख्य टैक्स स्लैब 18% रखा गया है और जरूरी सामान को 5% स्लैब में रखा गया है। इससे नकली सामान और तस्करी कम होगी, उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ेगी और औपचारिक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

तंबाकू पर 40% स्लैब का असर

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि तंबाकू जैसी वस्तुओं पर नया 40% स्लैब अवैध व्यापार को बढ़ावा दे सकता है। 2018-19 में अवैध तंबाकू पर टैक्स 3,812 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 16,168 करोड़ रुपये हो गया। इसका हिस्सा अवैध बाजार में 15% से 54% तक बढ़ गया।

5% स्लैब और MSMEs को फायदा

GST 2.0 में 5% टैक्स स्लैब में शामिल चीज़ों की संख्या 54 से बढ़ाकर 149 कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब ज्यादा सामान कम टैक्स या बिल्कुल मुफ्त टैक्स में मिलेगा। ग्रामीण घरों में अब 73.5% सामान कम टैक्स वाला है, जबकि शहरी घरों में यह 66.2% हो गया है। इससे घरों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे होंगे।

इसके अलावा, GST 2.0 में टैक्स दरें आसान और संतुलित कर दी गई हैं। ट्रैक्टर, कृषि मशीन, उर्वरक, कपड़ा, हस्तशिल्प, ऑटो पार्ट्स और निर्माण सामग्री पर अब टैक्स कम और सही है। इससे छोटे व्यवसाय और MSMEs को बड़ा फायदा मिलेगा और उनका काम करना आसान होगा।

औपचारिक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

FICCI के अनुसार, हर रुपया जो सही तरीके से बिकने वाले सामान पर खर्च होता है, वह हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। लेकिन अगर लोग नकली या अवैध सामान खरीदते हैं, तो उपभोक्ताओं की सुरक्षा कमजोर होती है और सरकार का पैसा भी कम आता है।

शुरुआती राजस्व में थोड़ी गिरावट, लंबी अवधि में फायदा

रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत में सरकार को टैक्स कम मिल सकता है। लेकिन समय के साथ ज्यादा लोग खरीदारी करेंगे, टैक्स देंगे और नियम सही से पालन होंगे। इससे नुकसान पूरा हो जाएगा। GST 1.0 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 11.78 लाख करोड़ से बढ़कर 22.09 लाख करोड़ (2018-25) हो गया।

टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी

GST के तहत टैक्स देने वाले लोग और व्यवसाय बढ़ रहे हैं। 2017 में 66.5 लाख टैक्सपेयर्स थे, जो 2025 में बढ़कर 1.51 करोड़ हो गए। इसका मतलब है कि अब ज्यादा व्यवसाय औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल हो रहे हैं और सरकार को सही टैक्स मिल रहा है।

Tags:    

Similar News