वक्फ बिल को लेकर एलजेपी (आर) का समर्थन, विपक्ष पर लगाया वोटबैंक की राजनीति का आरोप

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सरकार के पक्ष में अपना समर्थन जताया। पार्टी सांसद अरुण भारती ने कहा कि पिछली बार जब यह बिल सदन में पेश हुआ था, तब भी चिराग पासवान ने कैबिनेट में रहते हुए इसे किसी समिति को भेजने और व्यापक विमर्श की मांग की थी।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "धार्मिक पक्ष को उछालकर लोगों को डराया जा रहा है ताकि वोटबैंक उनके पास बना रहे।" सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए भारती ने आरोप लगाया कि विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने से बच रहा है क्योंकि इससे उनकी "प्रायोजित राजनीति" पर सवाल उठ सकते हैं।

अरुण भारती ने टर्की, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया और मिस्र जैसे देशों में वक्फ संपत्तियों से जुड़े सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में भी इस पर चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, "बाबासाहब ने साफ कहा था कि धर्म के नाम पर कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं हो सकती।"

उन्होंने चिराग पासवान के खिलाफ जारी "फतवे" पर भी जवाब दिया और याद दिलाया कि उनके पिता रामविलास पासवान ने एक मुस्लिम मुख्यमंत्री के समर्थन में अपनी पार्टी का अस्तित्व दांव पर लगा दिया था। उन्होंने कहा, "2010 में रामविलास जी ने खुद सदन में कहा था कि बिहार में वक्फ संपत्तियों की स्थिति कैसी है, आज उनका पुत्र कह रहा है कि इसे बिहार में लागू नहीं होने देगा।"

Update: 2025-04-02 12:11 GMT

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