Education Ministry Guidelines: शिक्षा मंत्रालय का साफ बयान, निजी स्कूलों पर नहीं लागू होगा SMC नियम
Education Ministry Guidelines: शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर एसएमसी दिशानिर्देश 2026 अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगे, लेकिन प्रोत्साहित किया जाएगा।
Education Ministry Guidelines
Education Ministry Guidelines: निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के दिशानिर्देश अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगे। यह उन स्कूलों के लिए है जो स्कूल अपने खर्चों के लिए केंद्र, राज्य सरकार या किसी स्थानीय निकाय से वित्तीय सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं करते हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों के संचालन के लिए हाल ही में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशानिर्देश 2026 जारी किए हैं। एसएमसी को विद्यालय प्रबंधन में अहम भूमिका दी गई है।
इसके अंतर्गत विद्यालय की विकास योजना तैयार की जाएगी। शैक्षणिक गुणवत्ता की निगरानी भी यही समिति करेगी। यह समिति वित्तीय प्रबंधन और सामाजिक लेखा परीक्षण भी सुनिश्चित करेगी। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इसका उद्देश्य विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, हालांकि निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालय इन नियमों के दायरे में बाध्यकारी रूप से नहीं आते, फिर भी उन्हें बेहतर प्रशासन और सहभागी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वेच्छा से स्कूल प्रबंधन समितियों का गठन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्कूल प्रबंधन समितियां अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। इससे विद्यालयों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और बच्चों के सीखने के स्तर तथा शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस समिति में छात्रों के अभिभावक, स्थानीय प्राधिकरण के प्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी, वंचित समूहों के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि शामिल होंगे। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि स्कूल प्रबंधन समितियों की सक्रिय भूमिका से बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा, अनुशासन और बेहतर शिक्षण परिणाम सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर शिक्षा से जुड़े निर्णयों में समुदाय की भागीदारी बढ़ने से विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास और जुड़ाव भी मजबूत होगा।
इस बीच ‘स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशानिर्देश 2026’ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। निजी व प्राइवेट स्कूलों द्वारा इन समितियों को लेकर आशंका जताई गई है। विभिन्न वर्गों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं पर गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने साफ किया कि आरटीई की धारा 2(एन)(4) के अंतर्गत आने वाले गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह समिति गठित करना अनिवार्य नहीं है।
गौरतलब है कि एसएमसी दिशानिर्देश 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। इन दिशानिर्देशों में स्कूल विकास योजना तैयार करने, नियमित बैठकों के आयोजन, अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और विद्यालय प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।