Health Tips: चक्कर आते ही ये गलती न करें! तुरंत करें ये 5 काम, वरना गिरने से लग सकती है गंभीर चोट

Health Tips: गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर भी चक्कर महसूस हो सकता है।

Update:2026-08-20 13:30 IST

Health Tips: चक्कर आना (Dizziness) एक आम परेशानी है, जो कभी-कभी अचानक कुछ सेकंड या कुछ मिनट के लिए महसूस हो सकती है। इस दौरान व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि आसपास की चीजें घूम रही हैं या उसका शरीर असंतुलित हो रहा है। कई बार चक्कर हल्का होता है और थोड़ी देर में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या बार-बार भी हो सकती है। चक्कर आने के कई सामान्य कारण (Common Causes of Dizziness) हो सकते हैं।

कम पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट रहना, अचानक बैठने या लेटने की स्थिति से खड़ा होना, ज्यादा थकान और नींद पूरी न होना चक्कर आने के आम कारणों में शामिल हैं। गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर भी चक्कर महसूस हो सकता है। इसके अलावा तनाव (Stress) या लंबे समय तक स्क्रीन देखने से भी कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।

लो ब्लड शुगर (Low Blood Sugar), एनीमिया (Anemia), माइग्रेन (Migraine), अंदरूनी कान की समस्या (Inner Ear Problems) या कुछ दवाओं के असर से भी चक्कर आ सकता है।

चक्कर आने पर तुरंत क्या करें

मायो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, चक्कर महसूस होते ही सबसे पहले बैठ जाएं या लेट जाएं। इससे शरीर का संतुलन बिगड़ने पर गिरने और चोट लगने का खतरा कम हो सकता है। अगर चक्कर तेज है तो कुछ देर आंखें बंद करके शांत जगह पर लेटना बेहतर हो सकता है। इस दौरान जल्दबाजी में चलने या खड़े होने से बचना चाहिए।

चक्कर आने के बाद अचानक खड़े नहीं होना चाहिए। पहले कुछ देर बैठें और जब शरीर स्थिर महसूस हो, तभी धीरे-धीरे खड़े हों। अचानक खड़े होने से चक्कर दोबारा बढ़ सकता है और गिरने की संभावना भी बढ़ सकती है।

पानी की कमी न होने दें

अगर चक्कर गर्मी या शरीर में पानी की कमी (Dehydration) की वजह से आया है तो आराम करें और पानी पिएं। गर्म मौसम में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। हालांकि बार-बार चक्कर आने पर केवल पानी पीकर समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

घर को गिरने से सुरक्षित बनाएं

बार-बार चक्कर आने वाले लोगों के लिए घर में गिरने से बचाव (Fall Prevention) पर ध्यान देना भी जरूरी है। फर्श पर पड़ी ढीली चटाई और खुले तार हटा दें। बाथरूम में फिसलने से बचाने वाली मैट लगाएं। इससे अचानक चक्कर आने की स्थिति में फिसलने और चोट लगने का खतरा कम किया जा सकता है।

तेज रोशनी और स्क्रीन से कुछ देर रहें दूर

चक्कर आने के दौरान मोबाइल, टीवी या तेज रोशनी (Bright Light) देखने से कुछ लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे समय में कुछ देर शांत और कम रोशनी वाली जगह पर आराम करना शरीर को स्थिर होने में मदद कर सकता है। जब तक चक्कर ठीक महसूस न हो, तब तक अचानक उठने या ज्यादा गतिविधि करने से बचना बेहतर है।

बार-बार चक्कर आए तो डॉक्टर से कराएं जांच

अगर चक्कर बार-बार आता है, लंबे समय तक रहता है या रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगा है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। चक्कर के साथ चलने या बैलेंस बनाने में परेशानी, सुनने में दिक्कत या धुंधला दिखाई देना (Blurred Vision) हो तो भी जांच करानी चाहिए। सिर पर चोट लगने के बाद चक्कर आए तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

इन लक्षणों के साथ चक्कर आए तो तुरंत लें मेडिकल मदद

अगर चक्कर अचानक बहुत तेज हो और उसके साथ बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन (Numbness), बेहोशी (Fainting) या तेज सिरदर्द (Severe Headache) हो तो तुरंत मेडिकल मदद लें। ऐसी स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट (Blood Test), सुनने और बैलेंस की जांच या दूसरी जरूरी जांच करा सकते हैं। इसलिए चक्कर को हमेशा मामूली परेशानी मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है, खासकर तब जब यह बार-बार हो रहा हो या इसके साथ दूसरे गंभीर लक्षण भी दिखाई दे रहे हों।

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