FSSAI Rules: रेस्तरां की रसोई गंदी है तो ग्राहक भी कर सकता है शिकायत, जानें नियम
FSSAI Rules: रेस्तरां में गंदी रसोई, खराब खाना या एक्सपायर्ड सामग्री मिलने पर ग्राहक शिकायत कर सकता है। जानें जुर्माना, सजा और शिकायत का तरीका।
FSSAI Rules for Restaurants: How Customers Can Complain About Food Safety Violations
FSSAI Rules for Restaurants: अक्सर होटल या रेस्तरां में खाना खाते समय लोग आमतौर पर वहां सर्व किए गए व्यंजनों का स्वाद और कीमत देखते हैं, लेकिन खाने की असली जांच पड़ताल तो पर्दे के पीछे तय होती है। रसोई कितनी साफ है, कच्चा सामान किस तरह रखा गया है, तेल कितनी बार इस्तेमाल हुआ है और खाना सुरक्षित तापमान पर रखा गया या नहीं। इन सब पर खाद्य सुरक्षा कानून लागू होता है। अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है तो सिर्फ चेतावनी ही नहीं, बल्कि जुर्माना, लाइसेंस पर कार्रवाई और गंभीर मामलों में जेल तक हो सकती है। हाल के दिनों में महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर हुई सख्त कार्रवाई के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे, जो मुंबई FDA के कमिश्नर हैं, की अगुवाई में कई प्रतिष्ठित रेस्तरां और बॉम्बे हाई कोर्ट की कैंटीन में खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण और कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। इसी तरह बेंगलुरु में भी कई होटल और रेस्तरां की जांच के दौरान खराब खाद्य सामग्री, एक्सपायर डेयरी प्रोडक्ट्स, इस्तेमाल किया हुआ तेल और खराब मांस मिलने के मामले सामने आए।
इनको लेकर अक्सर लोगों के मन में ये जिज्ञासा होती है कि क्या इन खामियों के पीछे कानून वास्तव में रेस्तरां को सजा दे सकता है और ये सजा कितनी सख्त होती है।
सिर्फ स्वाद खराब होना ‘असुरक्षित खाना’ नहीं
खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगा या ग्राहक को खाना पसंद नहीं आया, इसे अपने आप खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। मामला तब गंभीर होता है जब भोजन निर्धारित सुरक्षा या गुणवत्ता मानकों को पूरा न करे अथवा उसके सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान का खतरा हो। फफूंद लगा भोजन, सड़ा हुआ मांस, खराब हो चुकी सब्जियां, कीड़े मिले खाद्य पदार्थ, एक्सपायर सामग्री या गलत तरीके से स्टोर किया गया खाना जांच का आधार बन सकता है। इसी तरह खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने के लिए जरूरी स्वच्छता व्यवस्था न होना भी कार्रवाई का कारण बन सकता है। FSSAI के नियमों में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित हैं। इसलिए केवल यह तर्क देना कि ‘खाना पुराना था लेकिन किसी को कुछ हुआ नहीं’ हमेशा बचाव नहीं बन सकता।
गंदी रसोई पर भी लग सकता है जुर्माना
रेस्तरां की रसोई में गंदगी दिखना अपने आप में छोटी बात नहीं है। खुले में रखा कच्चा खाना, गंदे बर्तन, कीड़े-मकौड़े, अस्वच्छ सतह, दूषित पानी, कचरे की खराब व्यवस्था या खाद्य सामग्री को असुरक्षित तरीके से रखने जैसी स्थितियां खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आधार बन सकती हैं। FSS Act की धारा 56 अस्वच्छ या असैनिटरी परिस्थितियों में भोजन के प्रसंस्करण या निर्माण से जुड़ी है। इसके तहत अधिकतम 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कार्रवाई के लिए यह जरूरी नहीं कि पहले कोई ग्राहक बीमार पड़े। यदि निरीक्षण में निर्धारित स्वच्छता मानकों का उल्लंघन मिलता है, तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
घटिया गुणवत्ता वाले खाने पर 5 लाख तक जुर्माना
अगर खाना पूरी तरह ‘असुरक्षित’ नहीं है, लेकिन निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो मामला सब-स्टैंडर्ड फूड का हो सकता है। FSS Act की धारा 51 के तहत ऐसे मामले में 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी किसी ग्राहक का बीमार होना ही जरूरी नहीं है। खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता निर्धारित मानक से कम पाए जाने पर भी कार्रवाई संभव है।
असुरक्षित खाना खाने से नुकसान हुआ तो सजा बढ़ती है
सबसे गंभीर प्रावधान धारा 59 में हैं। यहां सजा इस बात पर निर्भर करती है कि असुरक्षित भोजन से उपभोक्ता को कितना नुकसान हुआ। ध्यान देने वाली बात यह है कि धारा 59 में हालिया संशोधन के बाद बिना चोट वाले मामले में अधिकतम सजा 3 महीने की जेल और 3 लाख रुपये तक जुर्माना है। गैर-गंभीर चोट होने पर अधिकतम 1 साल की जेल और 3 लाख रुपये तक जुर्माना, जबकि गंभीर चोट होने पर 6 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। अगर असुरक्षित भोजन से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो सजा कम से कम 7 साल की जेल से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बिना FSSAI लाइसेंस कारोबार किया तो जेल भी
रेस्तरां जैसे खाद्य कारोबार के लिए कारोबार की प्रकृति और श्रेणी के अनुसार FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस जरूरी होता है। बिना जरूरी लाइसेंस के खाद्य कारोबार चलाना भी अपराध है। धारा 63 के तहत इसके लिए 6 महीने तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, लाइसेंस भी जा सकता है
खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री और रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं तथा जरूरत पड़ने पर नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में भेज सकते हैं। उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार सुधारात्मक निर्देश और दूसरी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण तक की कार्रवाई हो सकती है।
अगर किसी खाद्य पदार्थ से उपभोक्ता को गंभीर चोट या मौत होती है तो कानून में लाइसेंस रद्द करने, बाजार से खाद्य सामग्री वापस मंगाने और कुछ परिस्थितियों में प्रतिष्ठान या संपत्ति के संबंध में आदेश देने का प्रावधान भी है।
ग्राहक को भी मिल सकता है मुआवजा
खराब या असुरक्षित खाना खाने से चोट या बीमारी होने पर मामला केवल सरकारी जुर्माने तक सीमित नहीं रहता। FSS Act की धारा 65 के तहत उपभोक्ता को मुआवजा दिलाने का भी प्रावधान है। मौत के मामले में कम से कम 5 लाख रुपये, गंभीर चोट के मामले में अधिकतम 3 लाख रुपये और अन्य चोट के मामलों में अधिकतम 1 लाख रुपये तक मुआवजे का आदेश दिया जा सकता है। मौत के मामले में कानूनी वारिस को 30 दिन के भीतर अंतरिम राहत देने का भी प्रावधान है।
इसके अलावा ग्राहक अपने नुकसान के आधार पर उपभोक्ता आयोग का रास्ता भी अपना सकता है। ऐसे मामले में बिल, मेडिकल रिपोर्ट, दवा के बिल, टेस्ट रिपोर्ट, रेस्तरां की रसीद और खाने की तस्वीर या वीडियो जैसे सबूत उपयोगी हो सकते हैं।
रेस्तरां की शिकायत कहां करें?
अगर किसी ग्राहक को रेस्तरां में सड़ा खाना, गंदी रसोई, खराब खाद्य सामग्री या दूसरी खाद्य सुरक्षा संबंधी गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल या ऐप पर शिकायत दर्ज कर सकता है। FSSAI के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति को ट्रैक भी किया जा सकता है। इसलिए अगली बार रेस्तरां में खाना खाते समय केवल स्वाद और कीमत पर ध्यान न दें। अगर भोजन की गुणवत्ता संदिग्ध है या साफ-सफाई में गंभीर कमी दिखाई देती है तो बिल और उपलब्ध सबूत संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर यही जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच और कार्रवाई में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।