155 तस्वीरों में दिखा बदलता भारत, रघु राय को समर्पित छठी ऑल इंडिया फोटोग्राफी प्रदर्शनी शुरू
155 तस्वीरों में दिखा बदलता भारत, रघु राय को समर्पित छठी ऑल इंडिया फोटोग्राफी प्रदर्शनी शुरू
All India Photography Exhibition: विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर राजधानी के कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स में कला, इतिहास और बदलते वक्त की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी द्वारा आयोजित छठी ऑल इंडिया फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आगाज मंगलवार को हुआ। इस वर्ष यह प्रदर्शनी भारतीय फोटो पत्रकारिता के पुरोधा और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त छायाकार पद्मश्री स्वर्गीय रघु राय को समर्पित की गई है।
प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी द्वारा किया जाएगा।
इस प्रदर्शनी में देश भर के 80 से अधिक प्रख्यात और उभरते छायाकारों की 155 से ज्यादा चुनिंदा तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। तस्वीरों का कैनवास प्रकृति के विस्तार, मानवीय जीवन के अंतरंग पलों, फैशन व ग्लैमर की चमक से लेकर गहन सामाजिक दस्तावेजों तक फैला हुआ है। इसमें 43 क्लासिक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों के अलावा वाइल्डलाइफ, लैंडस्केप, प्रोडक्ट, क्रिएटिव और डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी के कई रूप देखने को मिल रहे हैं। अरुणा सिंह, अतुल हुंडू, रवि पांडेय, राजश्री सेनगुप्ता और पूनम नायक जैसे फोटोग्राफरों की कृतियां दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके साथ ही कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर पीसी लिटिल की दो डिजिटल मैनिपुलेशन कृतियां भी प्रदर्शित हैं।
100 वर्ष पुरानी दुर्लभ किताबों का संग्रह और निःशुल्क कार्यशालाएं
प्रदर्शनी का एक बड़ा आकर्षण कॉलेज के ऐतिहासिक संग्रह से निकाली गई 100 वर्ष से अधिक पुरानी दुर्लभ फोटोग्राफी पुस्तकें हैं, जो छायांकन के प्रारंभिक तकनीकी विकास को दर्शाती हैं।
युवा फोटोग्राफरों और विद्यार्थियों को कैमरे की तकनीकी बारीकियां सिखाने के लिए दो विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं:
19 अगस्त (दोपहर 1:30 बजे): निफ्ट के प्रो. सचिन वर्मा फैशन फोटोग्राफी के व्यावहारिक गुर साझा करेंगे।
20 अगस्त (दोपहर 12:00 बजे): दिल्ली की फोटोग्राफी विशेषज्ञ तनुश्री श्रीवास्तव कंपोजिशन और पोर्ट्रेट लाइटिंग की तकनीकों पर मार्गदर्शन करेंगी। दोनों कार्यशालाओं में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
मुख्य समन्वयक अतुल हुंडू और कॉलेज के प्राचार्य रतन कुमार के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल चित्रों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि युवाओं को फोटोग्राफी के इतिहास, शिल्प और तकनीक से रूबरू कराना है। यह प्रदर्शनी 20 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कलाप्रेमियों और आम दर्शकों के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
महान छायाकार रघु राय: तस्वीरों से इतिहास लिखने वाले शिल्पी
वर्ष 1942 में पंजाब के झांग (अब पाकिस्तान) में जन्मे रघु राय ने 1962 में अपने बड़े भाई एस. पॉल से फोटोग्राफी की शुरुआत की थी। वर्ष 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की ऐतिहासिक कवरेज के लिए उन्हें 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की उनकी तस्वीरें दुनिया भर में मानवीय त्रासदी का सबसे सशक्त दस्तावेज बनीं। वे विख्यात अंतरराष्ट्रीय एजेंसी 'मैग्नम फोटोज' के सदस्य भी रहे। 26 अप्रैल 2026 को उनका निधन हुआ था, और यह प्रदर्शनी भारतीय छायांकन में उनके अतुल्य योगदान को विनम्र श्रद्धांजलि है।